सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता पहुंचे भीमसेना प्रमुख को रोका:सतपाल तंवर बोले-देश में अघोषित इमरजेंसी; 27 जुलाई को भारत बंद का ऐलान
गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक हाल-चाल जानने पहुंचे भीमसेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर को अस्पताल के मुख्य
गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक हाल-चाल जानने पहुंचे भीमसेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर को अस्पताल के मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया। भारी पुलिस बल द्वारा रोके जाने से नाराज तंवर ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इसे 'खुली तानाशाही' करार दिया है। उन्होंने कहा कि देश में पूरी तरह तानाशाही चल रही है। मोदी सरकार विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने का काम कर रही है। लोकतांत्रिक देश में किसी बीमार या भर्ती व्यक्ति से मिलने से रोकना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार की इस तानाशाही के विरोध में 27 जुलाई को भीम सेना और संविधान सुरक्षा पार्टी ने सयुंक्त रूप से भारत बंद का आह्वान किया है। जिसे छात्रों, किसानों, मजदूरों का समर्थन मिल चुका है। भारत निर्माण विद्यार्थी परिषद सहित दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और इग्नू के विद्यार्थी 27 जुलाई को फिर से संसद मार्च करने की घोषणा कर चुके हैं। सड़कों पर उतरेंगे कार्यकर्ता उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से निर्दोष और निहत्थे लोगों पर बर्बरता की गई है, वह लोकतंत्र और संविधान की आत्मा पर सीधा हमला है। सरकार की इस तानाशाही के खिलाफ खामोश बैठना जुल्म को बढ़ावा देना है। भीम सेना और संविधान सुरक्षा पार्टी इस अन्याय के खिलाफ देश की सड़कों पर उतरेगी। आधी रात को अनशन खत्म किया इससे पहले सोनम वांगचुक ने गुरुवार आधी रात को अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया। पेपर लीक के खिलाफ वे 27 दिन से अनशन थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। अनशन समाप्त होने के बाद वांगचुक ने इसका वीडियो जारी किया। इसमें वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के बारे में बताया।
कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि वे संसद में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे। शुक्रवार को उनकी पत्नी डॉ. गीतांजति ने कहा, लिखित आश्वासन के बाद ही सोनम ने अनशन खत्म किया है। NEET पेपर लीक के तनाव के कारण सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स के परिवारों को सरकार मुआवजा देगी, इस पर भी चर्चा हुई। पिछले दो दिनों से सरकार के साथ बातचीत चल रही थी। इसके अलावा सरकार से उनकी तीन बातों पर भी सहमति बनी है। उधर, इस वीडियो में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है। राजनीति के जानकारों की मानें तो अब इस मामले में सीजेपी और वांगचुक का रुख अलग हो गया है। 2 मिनट 56 सेकेंड के वीडियो में सोनम वांगचुक की कही गईं बातें… "नमस्कार दोस्तों, आज 26वें दिन मैं आप लोगों को कुछ खास खबर बताना चाहूंगा। अभी रात के लगभग 12:30 बज रहे हैं। अभी थोड़ी देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा साहब और जितेंद्र सिंह साहब यहां आए थे और लद्दाख के एपेक्स बॉडी के शीर्ष नेतागण भी यहां आए थे। आप लोगों को मालूम है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने आकर और हस्ताक्षर देकर हमसे अनशन तोड़ने के लिए कहा और वो संसद में इस मुद्दे (नीट पेपर्स और परीक्षाओं की प्रणाली) पर चर्चा करेंगे, ये आश्वासन दिया। और जो सरकार की तरफ से मंत्रीगण आए थे, उन्होंने भी ये आश्वासन दिया, जिसका कि दो दिन से हम बहुत ही कड़ा या यूं कहें कि एक तरह का बारगेन चल रहा था कि मुझे आश्वासन चाहिए और लिखित में चाहिए और इसमें दो दिन लगे और मुझे इसलिए अनशन पर दो दिन और बैठना पड़ा, और ज्यादा भी बैठ जाता तो...