Maharashtra: विमान के टॉयलेट में मिला 5.63 करोड़ रुपये का गोल्ड, मुंबई एयरपोर्ट के सफाई कर्मियों समेत 5 अरेस्ट
डीआरआई मुंबई जोनल यूनिट को सटीक सूचना मिली थी कि 22 जुलाई को एमिरेट्स की फ्लाइट EK504 से दुबई से मुंबई आ रहा पैसेंजर मोहम्मद
डीआरआई मुंबई जोनल यूनिट को सटीक सूचना मिली थी कि 22 जुलाई को एमिरेट्स की फ्लाइट EK504 से दुबई से मुंबई आ रहा पैसेंजर मोहम्मद उर्वा प्लेन के अंदर तस्करी का गोल्ड छिपाकर लाएगा। सूचना के मुताबिक, प्लेन के मुंबई उतरने के बाद एयरपोर्ट का हाउसकीपिंग स्टाफ उस सोने को टॉयलेट से बाहर निकालेगा। इस जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने दोपहर करीब 12:30 बजे प्लेन लैंड होते ही पैसेंजर उर्वा को हिरासत में ले लिया और पूरे प्लेन पर कड़ी निगरानी बनाए रखी।जैसे ही क्लीनिंग क्रू ने प्लेन की सफाई के लिए अंदर प्रवेश किया, अधिकारियों ने एजीएच पोर्ट एविएशन सर्विसेज के दो कर्मचारियों, राजेश मांजरेकर और जहीर कुरैशी पर नजर रखी।
करीब 15 से 20 मिनट बाद जब दोनों कर्मचारी प्लेन से बाहर निकले, तो अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और जांच के लिए कस्टम्स ऑफिस ले गए।कस्टम्स ऑफिस में जहीर कुरैशी की तलाशी लेने पर उसकी पैंट की जेब से दो भारी काले पाउच बरामद हुए। इन पाउच पर लगी काली चिपकने वाली टेप को हटाने पर अंदर मोम के रूप में सोने का पाउडर (गोल्ड डस्ट) पाया गया। सरकार से मान्यता प्राप्त वैलुअर ने जांच के बाद पुष्टि की कि यह 24 कैरेट का शुद्ध सोना है, जिसका कुल वजन 3,866 ग्राम है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका मूल्य 5 करोड़ 63 लाख रुपए है।पूछताछ के दौरान कुरैशी ने स्वीकार किया कि उसने ये पाउच अपने सुपरवाइजर राजेश मांजरेकर के कहने पर विमान के टॉयलेट के अंदर एक छिपे हुए स्थान से निकाले थे।
मांजरेकर ने पूछताछ में बताया कि वह अजहर काजी नाम के एक हैंडलर के लिए पैसों के लालच में काम कर रहा था। अजहर ने ही उसे प्लेन के टॉयलेट से सोना निकालने की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी थी।इसके बाद डीआरआई अधिकारियों ने एक ट्रैप लगाकर एयरपोर्ट के बाहर से अजहर को धर दबोचा। अजहर ने खुलासा किया कि वह मोहम्मद अहमद नाम के मुख्य सरगना के इशारे पर काम कर रहा था, जिसे भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। डीआरआई ने बताया कि सभी पांचों आरोपियों के बयान कस्टम्स एक्ट की धारा 108 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं, जिसमें उन्होंने विदेशी गोल्ड की तस्करी में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है।डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, यदि यह गोल्ड आधिकारिक बैगेज के रास्ते कानूनी रूप से लाया जाता, तो इस पर लगभग 2.48 करोड़ रुपये का सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) बनता।
टैक्स चोरी के इरादे से इस सोने को टॉयलेट में छिपाकर लाया गया था। एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय गोल्ड तस्करी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और हवाला नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।
