अपनी कमाई से भारतीय खरीद सकते हैं केवल 8 लीटर पेट्रोल-डीजल, रिपोर्ट में दावा; टॉप 10 इकोनॉमी में स्थिति सबसे गंभीर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत के आम नागरिकों के लिए पेट्रोल और डीजल खरीदना सबसे मुश्किल है। भारत के एक औसत नागरिक यानी वह व्यक्ति जिसकी आय देश की प्रति व्यक्ति आय के बराबर है। अपनी एक दिन की कमाई से केवल 8
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत के आम नागरिकों के लिए पेट्रोल और डीजल खरीदना सबसे मुश्किल है। भारत के एक औसत नागरिक यानी वह व्यक्ति जिसकी आय देश की प्रति व्यक्ति आय के बराबर है। अपनी एक दिन की कमाई से केवल 8 लीटर पेट्रोल या डीजल ही खरीद सकता है। इसके विपरीत, एक औसत अमेरिकी अपनी एक दिन की कमाई से 199 लीटर पेट्रोल या 171 लीटर डीजल खरीद सकता है। ये आंकड़े GlobalPetrolPrices.com द्वारा दुनिया भर में तेल की कीमतों की तुलना करके तैयार किए गए हैं। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का हाल अगर दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बात करें, तो तेल खरीदने की क्षमता के मामले में ब्राजील नीचे से दूसरे स्थान पर है।
एक औसत ब्राजीलियाई अपनी दिनभर की कमाई से केवल 20 लीटर पेट्रोल या डीजल खरीद सकता है। दूसरी ओर, इटली, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और जापान जैसे देशों में वहां का नागरिक एक दिन की कमाई से 50 लीटर से अधिक पेट्रोल या डीजल खरीद सकता है। दिलचस्प बात यह है कि रूस, जो कि कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा उत्पादक देश है, इस सूची में इन यूरोपीय देशों और जापान से नीचे पायदान पर है। इन देशों में पानी के भाव है पेट्रोल-डीजल तो आखिर वे कौन से देश हैं जहां का आम नागरिक सबसे आसानी से और सबसे ज्यादा ईंधन खरीद सकता है?
लिबिया इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां एक दिन की कमाई से लगभग 789 लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदा जा सकता है। यह डेटा दुनिया के 158 देशों की तुलना करके निकाला गया है। खबरें और भी अगर सिर्फ डीजल की बात करें, तो यह वेनेजुएला में सबसे सस्ता है। वहां एक औसत नागरिक की एक दिन की कमाई से 2,573 लीटर डीजल आ सकता है। वहीं ईरान में यह आंकड़ा 1,866 लीटर है। स्वाभाविक रूप से, तेल उत्पादक देशों में ईंधन सबसे सस्ता है। कुवैत, वेनेजुएला, कतर, ईरान और लीबिया के नागरिक अपनी एक दिन की कमाई से 200 लीटर से अधिक पेट्रोल या डीजल खरीद सकते हैं।
गरीब अफ्रीकी देशों में हालात सबसे बदतर ईंधन की पहुंच और सामर्थ्य के मामले में सबसे खराब स्थिति अफ्रीका के सबसे गरीब देशों की है। मलावी और मध्य अफ्रीकी गणराज्य में हालात इतने गंभीर हैं कि वहां एक औसत व्यक्ति की पूरे दिन की कमाई एक लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदने के लिए भी नाकाफी है।
