Sharad Pawar: शरद पवार ने जमकर की पीएम मोदी की तारीफ, बोले- वे भारत का मान बढ़ाने में जुटे
एनसीपी एसपी प्रमुख ने कहा, 'राजनीतिक मतभेद भारत की प्रतिष्ठा की रक्षा के आड़े नहीं आने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी विदेशों में देश के सम्मान को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। हमारी राजनीतिक सोच अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्रहित सबसे ऊपर होना चाहिए।' राज्यसभा सदस्य शरद पवार
एनसीपी एसपी प्रमुख ने कहा, 'राजनीतिक मतभेद भारत की प्रतिष्ठा की रक्षा के आड़े नहीं आने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी विदेशों में देश के सम्मान को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। हमारी राजनीतिक सोच अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्रहित सबसे ऊपर होना चाहिए।' राज्यसभा सदस्य शरद पवार ने पुणे स्थित लक्ष्मणराव गुट्टे ग्रामीण विकास फाउंडेशन द्वारा आयोजित पूर्व पदाधिकारियों के सम्मान समारोह के दौरान अपने संबोधन में ये बातें कही।अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए शरद पवार ने बताया कि वर्ष 1958 में 18 साल की उम्र में वे बारामती से पुणे आए थे, क्योंकि उस समय उनके गृह नगर में कॉलेज नहीं था।
बाद में वे पुणे शहर यूथ कांग्रेस और फिर महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के प्रमुख बने। पवार ने एक घटना को साझा करते हुए कहा कि दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से मुलाकात उनके जीवन के यादगार पलों में शामिल है।उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछने के लिए किसानों और युवाओं से जुड़े कई सवाल तैयार किए थे, लेकिन नेहरू के प्रभावशाली व्यक्तित्व के सामने वे सब कुछ भूल गए।
पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा एक प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि सोवियत संघ की यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी ने भारतीय प्रधानमंत्री को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। पवार ने कहा कि इंदिरा गांधी ने सोवियत अधिकारियों से कहा था, 'मैं
40 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करती हूं। यदि उनके सम्मान का आदर नहीं होगा तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगी।' कार्यक्रम के अंत में पवार ने विभिन्न दलों के पुराने सहयोगियों के एक मंच पर आने का स्वागत किया और राष्ट्रीय हित में मिलकर काम करने का आह्वान किया।
