Parliament Monsoon Session LIVE: छात्रों के मुद्दे पर संसद में हंगामा जारी, आज भी विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
10:29 AM, 24-Jul-2026 सरकार ने छात्र प्रदर्शनों का सामना 'कायरता और बेवजह की कठोरता' से किया: सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी
10:29 AM, 24-Jul-2026 सरकार ने छात्र प्रदर्शनों का सामना 'कायरता और बेवजह की कठोरता' से किया: सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों का सामना 'कायरता और बेवजह की कठोरता' से किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के युवाओं को भविष्य के उत्तराधिकारी मानने के बजाय 'देश के दुश्मन' की तरह देखा है। द हिंदू में लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार से छात्रों पर पुलिस कार्रवाई रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये हमारे बेटे-बेटियां हैं, हमारे युवा हैं। लेख में 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च का जिक्र करते हुए इसे 'बदनामी का दिन' बताया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो अपने घर लौट रहे थे। लेख में सरकार से कार्रवाई रोकने और छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने की मांग की गई है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों का सामना 'कायरता और बेवजह की कठोरता' से किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के युवाओं को भविष्य के उत्तराधिकारी मानने के बजाय 'देश के दुश्मन' की तरह देखा है।द हिंदू में लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार से छात्रों पर पुलिस कार्रवाई रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये हमारे बेटे-बेटियां हैं, हमारे युवा हैं। लेख में 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च का जिक्र करते हुए इसे 'बदनामी का दिन' बताया गया।इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो अपने घर लौट रहे थे। लेख में सरकार से कार्रवाई रोकने और छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने की मांग की गई है। 10:28 AM, 24-Jul-2026 संसद में बयान दें प्रधानमंत्री: खरगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें। खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के बाहर बयान देने के बजाय संसद में अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा, जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो प्रधानमंत्री को सदन के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि रात में वीडियो रिकॉर्ड करके संसद के बाहर एकतरफा मन की बात करनी चाहिए। उन्होंने आगे लिखा, नरेंद्र मोदी जी, आज संसद आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर आइए। सबसे पहले छात्रों से माफी मांगिए और उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजिए, जिन्होंने छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठी, डंडे और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया। इसके बाद हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं। खरगे की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे विधेयक के मसौदे पर विचार करेगा, जिसमें तेज सुनवाई वाली अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट) और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के बाहर बयान देने के बजाय संसद में अपनी बात रखनी चाहिए।
