Sonam Wangchuk: 'हिंसा नहीं, सिर्फ शांति हमारा रास्ता', भूख हड़ताल के 26वें दिन सोनम वांगचुक ने क्या अपील की?
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन समर्थकों से शांति बनाए रखने की
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का रास्ता केवल अहिंसा का है और किसी भी हाल में हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए। वांगचुक ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण आंदोलन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने और किसी भी उकसावे में नहीं आने की अपील की। DAY 26 PEACE & ONLY PEACE IS MY WAY… While at Jantar Mantar the protests remain peaceful I’m pained to learn that elsewhere some antisocial elements are taking advantage of the peaceful protests to provoke violence. No matter what the other side does our response must only be…— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026 सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने के लिए क्या चाहते हैं?
वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अब भी शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, लेकिन उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि कुछ अन्य जगहों पर असामाजिक तत्व इस आंदोलन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेरा रास्ता सिर्फ शांति और शांति है। वहीं, आगे उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ से चाहे जो भी किया जाए, हमारी प्रतिक्रिया सिर्फ फूलों के रूप में होनी चाहिए। कृपया हर हाल में इस परंपरा को बनाए रखें। उनका यह संदेश आंदोलन में शामिल लोगों से किसी भी उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखने की अपील के रूप में देखा जा रहा है। वांगचुक ने एक दिन पहले भी साफ किया था कि वह तब तक अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक सरकार यह भरोसा नहीं देती कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों और छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग न करे। साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई आरोप, एफआईआर या ऐसी कार्रवाई न हो, जिससे उन्हें पुलिस या जेल का डर दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर मुझे जल्द यह भरोसा मिल जाता है तो आपकी भावनाओं का सम्मान करते हुए मैं आज ही अपना अनशन तोड़ सकता हूं। लेकिन अगर ऐसा भरोसा नहीं मिला तो दुर्भाग्य से मुझे अपना भूख हड़ताल जारी रखना पड़ेगा। मेदांता अस्पताल ने उनकी सेहत को लेकर क्या जानकारी दी? मेदांता अस्पताल ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि सोनम वांगचुक की हालत स्थिर बनी हुई है। अस्पताल के अनुसार, उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम कर रही है।
बयान में कहा गया, "श्री सोनम वांगचुक की स्थिति में कोई बदलाव नहीं है। वह पूरी तरह सतर्क हैं और उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेत स्वीकार्य सीमा के भीतर हैं।" अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें दिया जा रहा पूरा इलाज उनकी सूचित सहमति के अनुसार किया जा रहा है। इससे पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। अनशन के दौरान वांगचुक ने और क्या कहा?
