Maharashtra Updates: छात्रों को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाला पुलिसकर्मी हटाया गया, जांच शुरू
मुंबई में छात्र प्रदर्शनकारियों को झूठे मादक पदार्थ (ड्रग्स) के मामले में फंसाने की धमकी देने का वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने
मुंबई में छात्र प्रदर्शनकारियों को झूठे मादक पदार्थ (ड्रग्स) के मामले में फंसाने की धमकी देने का वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने संबंधित पुलिस ड्राइवर को ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। 25 सेकंड के वीडियो में पुलिसकर्मी कथित तौर पर छात्रों से कहता दिख रहा है कि यदि वे दोबारा प्रदर्शन में आए तो उनकी जेब में "50 ग्राम पाउडर" रखकर ऐसा केस बनाया जाएगा कि उन्हें जमानत भी नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस व्यवहार को पूरी तरह गलत बताते हुए इसकी निंदा की और कहा कि तत्काल कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने की जांच की मांग इस घटना पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने राज्य सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की, जबकि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने संबंधित पुलिसकर्मी को बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। सीएम फडणवीस ने क्या कहा? वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वीडियो में दिखा पुलिसकर्मी गलत है और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव और हमला किया, जिनका उद्देश्य छात्रों की मांगों का समर्थन नहीं बल्कि अराजकता फैलाना था। उन्होंने प्रदर्शन आयोजकों से ऐसे तत्वों को दूर रखने की अपील की। इस घटना पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने राज्य सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की, जबकि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने संबंधित पुलिसकर्मी को बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वीडियो में दिखा पुलिसकर्मी गलत है और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव और हमला किया, जिनका उद्देश्य छात्रों की मांगों का समर्थन नहीं बल्कि अराजकता फैलाना था। उन्होंने प्रदर्शन आयोजकों से ऐसे तत्वों को दूर रखने की अपील की।
