जंतर-मंतर प्रदर्शन को भड़का रहा पाकिस्तान: PAK समर्थित 480 सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा
छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि उसने पाकिस्तान से संचालित करीब 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें
छात्र आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि उसने पाकिस्तान से संचालित करीब 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया है। पुलिस का आरोप है कि ये हैंडल आंदोलन से जुड़ी फर्जी और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने कहा कि ये सोशल मीडिया खाते मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर अफवाहें और भ्रामक पोस्ट फैला रहे थे। 480 Pakistan-based social media handles involved in coordinated misinformation campaigns were identified and blocked. Delhi Police appeals to students and youth to be wary of such foreign accounts spreading rumours to mislead the situation.@LtGovDelhi #DPUpdates pic.twitter.com/SXzwXosDGr— Delhi Police (@DelhiPolice) July 23, 2026 पुलिस ने छात्रों और आम लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे साझा करें।
यह चेतावनी जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बीच जारी की गई है। पार्टी कथित नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं और कई पाकिस्तान आधारित हैंडल इसमें शामिल पाए गए हैं। पुलिस ने कहा, "हमने देखा है कि सोशल मीडिया पर कुछ गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।अब तक पाकिस्तान के 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है, जो इस स्थिति का फायदा उठाकर फर्जी सामग्री और अफवाहें फैला रहे हैं। इन्हें ब्लॉक किया जा रहा है।" पुलिस का यह भी दावा है कि जिन खातों की पहचान की गई है, उनमें से कई वही हैंडल हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे।दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन सोशल मीडिया खातों का उद्देश्य लोगों को भड़काना और विशेष रूप से छात्रों को गुमराह करना है।
पुलिस ने कहा, "इनका केवल एक ही उद्देश्य है, लोगों को भड़काना और खास तौर पर छात्रों का ध्यान भटकाना।"छात्रों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए पुलिस ने कहा कि वे फर्जी पोस्ट, संपादित वीडियो या गुमनाम सोशल मीडिया खातों से साझा की गई सामग्री से प्रभावित न हों। पुलिस ने कहा, "बच्चों की सुरक्षा के लिए मेरी अपील है कि किसी भी फर्जी पोस्ट, एडिट किए गए वीडियो या गुमनाम हैंडल से किए गए पोस्ट के बहकावे में न आएं।"सीजेपी के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया और इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से जब पूछा गया कि क्या भारत में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित सख्ती मानवाधिकार उल्लंघन है, तो उन्होंने कहा, "यह भारत का आंतरिक मामला है।
हम ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते।"कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन गुरुवार को लगातार 34वें दिन भी जारी रहा। पार्टी कथित नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर हजारों समर्थक जुटे रहे। 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च के बाद प्रदर्शन में लोगों की संख्या बढ़ी है। उस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। कुछ रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
