कोलकाता एम्बार्केशन मुख्यालय: ग्रुप कैप्टन पंकज उपाध्याय बने नए कमांडेंट, तीनों सेनाओं की बढ़ेगी ताकत
कोलकाता एम्बार्केशन मुख्यालय पूर्वी क्षेत्र में तीनों सेनाओं के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है। यह मुख्यालय थल सेना, नौसेना और वायुसेना
कोलकाता एम्बार्केशन मुख्यालय पूर्वी क्षेत्र में तीनों सेनाओं के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है। यह मुख्यालय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों की आवाजाही को संभालता है। इसके साथ ही सैन्य सामग्री के प्रबंधन और परिवहन की मुख्य जिम्मेदारी भी इसी के पास होती है। रेल, हवाई और समुद्री मार्गों के जरिए सैनिकों और रसद को उनकी मंजिल तक पहुंचाया जाता है।
पूर्वी सीमा की भौगोलिक विषमताओं और रणनीतिक माहौल को देखते हुए इस केंद्र की भूमिका बेहद संवेदनशील और खास मानी जाती है।नए कमांडेंट ग्रुप कैप्टन पंकज उपाध्याय का सैन्य करियर काफी शानदार रहा है। वे वर्ष 2003 में भारतीय वायुसेना की लॉजिस्टिक्स शाखा में शामिल हुए थे। उन्होंने एयर फोर्स अकादमी से बुनियादी प्रशिक्षण हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने पुणे के मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट से उच्च शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।अपने लंबे करियर में उन्होंने कई फ्रंटलाइन ऑपरेशनल यूनिटों में सेवा दी है।
वे प्रशिक्षण संस्थानों, एयर मुख्यालय और कमांड मुख्यालयों में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनके इसी विशाल अनुभव का लाभ अब पूर्वी क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को मिलेगा।कमान संभालने के बाद ग्रुप कैप्टन उपाध्याय की मुख्य प्राथमिकता तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगी। वे पूर्वी भारत में परिवहन के सभी साधनों के बीच कुशल समन्वय स्थापित करेंगे।
उनके आने से रसद आपूर्ति और सैन्य आवाजाही की रफ्तार और अधिक तेज होगी।
