Border: भारत-बांग्लादेश समुद्री सीमा पर हथियारों की तस्करी नाकाम, नाव से हथियारों की खेप बरामद, चार गिरफ्तार
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास भारतीय तटरक्षक बल ने सीमा पार हथियारों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। तटरक्षक बल
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास भारतीय तटरक्षक बल ने सीमा पार हथियारों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। तटरक्षक बल ने मछली पकड़ने वाली एक संदिग्ध नाव को पकड़कर उससे बड़ी मात्रा में छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद बरामद किए। इस कार्रवाई में नाव पर सवार चार भारतीय नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया है। शुरुआती आशंका है कि बरामद हथियारों और गोला-बारूद को समुद्री रास्ते से बांग्लादेश भेजा जाना था। इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। संदिग्ध नाव तक तटरक्षक बल कैसे पहुंचा? तटरक्षक बल के अनुसार यह कार्रवाई बुधवार को केंद्रीय खुफिया एजेंसी से मिली विशेष सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलने के बाद भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के पास तलाशी और रोकथाम अभियान शुरू किया गया।
इस अभियान में सुंदरबन वन विभाग और अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। संयुक्त अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई, जिसके बाद मछली पकड़ने वाली नाव की पहचान कर उसे रोका गया। जानकारी के मुताबिक संदिग्ध मछली पकड़ने वाली नाव बुधवार सुबह झरखाली क्रीक से रवाना हुई थी। खुफिया सूचना मिलने के बाद तटरक्षक बल ने पूरे इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया। कुछ समय बाद संदिग्ध नाव की पहचान कर उसे रोक लिया गया। जब नाव की विस्तृत तलाशी ली गई तो उसमें अवैध रूप से छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए। समय रहते कार्रवाई होने से हथियारों को सीमा पार पहुंचाने की कोशिश विफल हो गई। इस दौरान नाव पर मौजूद चार भारतीय नागरिकों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई।
इस अभियान को सफल बनाने में किन एजेंसियों की भूमिका रही? सूत्रों के अनुसार इस अभियान की सफलता भारतीय तटरक्षक बल, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और सुंदरबन वन विभाग की फील्ड इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। खुफिया सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान और उन सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई के कारण संदिग्ध नाव को समुद्र में ही पकड़ लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने से सीमा पार होने वाले अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो रही है। अब इस मामले में आगे क्या होगा? कार्रवाई के बाद पकड़ी गई नाव, उसके चारों चालक दल के सदस्यों और बरामद हथियारों व गोला-बारूद को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए सुंदरबन स्थित पश्चिम बंगाल मरीन पुलिस थाने को सौंप दिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए थे, इन्हें बांग्लादेश तक पहुंचाने की योजना किसने बनाई थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। तटरक्षक बल ने कहा कि यह कार्रवाई भारत की समुद्री सीमाओं को हथियारों की तस्करी, सीमा पार अपराध और अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी से सुरक्षित रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बल ने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए खुफिया सूचनाओं पर आधारित अभियान, निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
