संसद में नीट पर टकराव तेज: राहुल गांधी ने बुलाई कांग्रेस सांसदों की बैठक, क्या निकलेगा गतिरोध का समाधान?
राहुल गांधी की बैठक: राहुल गांधी ने गुरुवार शाम को अपने आवास पर कांग्रेस के दोनों सदनों के सांसदों की बैठक बुलाई। राहुल गांधी ने
राहुल गांधी की बैठक: राहुल गांधी ने गुरुवार शाम को अपने आवास पर कांग्रेस के दोनों सदनों के सांसदों की बैठक बुलाई। राहुल गांधी ने गुरुवार शाम को अपने आवास पर कांग्रेस के दोनों सदनों के सांसदों की बैठक बुलाई। विपक्ष की दो प्रमुख शर्तें: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा। पीएम मोदी का बड़ा एलान: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने पोस्ट कर बताया कि पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने पोस्ट कर बताया कि पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन: संसद परिसर के मकर द्वार पर एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर सीधा टकराव और जोरदार नारेबाजी देखने को मिली। संसद परिसर के मकर द्वार पर एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर सीधा टकराव और जोरदार नारेबाजी देखने को मिली। सदन स्थगित: भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण गुरुवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने मांग रखी है कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर चर्चा तभी संभव होगी, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा देंगे। इसके साथ ही राज्यसभा में नियम 267 के तहत अन्य सभी विधायी कार्यों को स्थगित कर तुरंत चर्चा कराने की शर्त रखी गई है। नियम 267 एक राज्यसभा सांसद को उच्च सदन में सूचीबद्ध व्यावसायिक कार्यों को निलंबित करने की मांग करने की अनुमति देता है।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि वह नीट मामले और इससे जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष को इसके लिए कोई पूर्व शर्त नहीं रखनी चाहिए।संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट मुद्दे पर खुलकर चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष शर्तें थोपकर जानबूझकर प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा, 'सभी दलों ने नीट पर चर्चा की मांग की है। आज पूरे एनडीए ने फिर से मांग की है कि नीट पर चर्चा हो। कल खरगे और कुछ अन्य विपक्षी नेताओं से मुलाकात के बाद उम्मीद जगी थी कि आज चर्चा हो सकती है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने शर्त लगा दी। हमने अनुरोध किया कि हम आपस में तय करें कि चर्चा कैसे और कितनी देर चलेगी, लेकिन शर्तें न लगाएं। आपका इरादा सही नहीं है क्योंकि आप चर्चा रोकना चाहते हैं। हम फिर से अनुरोध करते हैं कि बिना किसी राजनीति के दोनों सदनों में नीट परीक्षा पर विस्तृत चर्चा हो।'दूसरी ओर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार किया।
खरगे ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य को उकसाने वाला करार दिया और सरकार पर जवाबदेही से भागने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री ने एक बयान दिया है। यह एक उकसाने वाला बयान है। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए; तभी हम चर्चा के लिए तैयार होंगे।'संसद भवन के अंदर और परिसर में गुरुवार को स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। मकर द्वार पर एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर आमने-सामने की स्थिति बन गई, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस भारी हंगामे और गतिरोध के कारण आखिरकार दोनों सदनों की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।
