CJP Protest: 'छात्रों से बात करने की कोशिश जारी रहेगी', निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर क्या गंभीर आरोप लगाए?
सरकार ने छात्रों से बातचीत को लेकर क्या कहा? कांग्रेस पर वित्त मंत्री ने क्या आरोप लगाए? पेपर लीक पर सरकार ने क्या कदम गिनाए?
सरकार ने छात्रों से बातचीत को लेकर क्या कहा? कांग्रेस पर वित्त मंत्री ने क्या आरोप लगाए? पेपर लीक पर सरकार ने क्या कदम गिनाए? वित्त मंत्री ने कहा कि परीक्षा, पेपर लीक और दोबारा परीक्षा जैसे मुद्दे छात्रों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवेदनशील नहीं होती तो विपक्ष के आरोप समझ में आते, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले लोगों को जल्द सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने, खरीदने और बेचने में शामिल लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई उन माता-पिता और छात्रों के भरोसे को मजबूत करने के लिए है, जो अपने बच्चों के भविष्य और करियर के लिए मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के खिलाफ इस गंभीर अपराध में शामिल लोगों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का सरकार का संकल्प है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह मामला देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। सरकार ने पेपर लीक के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की है और अब फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा भी की गई है। उनका कहना था कि सरकार लगातार समाधान की दिशा में काम कर रही है और संवाद के लिए तैयार है।निर्मला सीतारमण ने कहा, "हम निश्चित रूप से छात्रों से बात करने की कोशिश करेंगे और उनसे पूछेंगे कि क्या उन्हें बातचीत करने में कोई आपत्ति है।
इस दिशा में हमारे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।" उन्होंने संकेत दिया कि सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों से संवाद का रास्ता बंद नहीं करना चाहती और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करेगी।संसद की कार्यवाही और कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने बिना अनुमति धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के पास मंत्रियों को भेजने की पहल की। विपक्ष की पहली मांग संसद में चर्चा कराने की थी, जिसे सरकार ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इसके बावजूद नई-नई शर्तें रखकर संसद की कार्यवाही बाधित की जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीट और छात्रों के मुद्दे का इस्तेमाल केवल राजनीति के लिए कर रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस चर्चा नहीं चाहती, क्योंकि बहस होने पर सरकार की कार्रवाई और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह व्यापक चर्चा में हिस्सा ले। यदि और कदम उठाने की जरूरत होगी तो सरकार संसद में उसका जवाब देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों और सदन के नेता के जवाब देने की इच्छा के बावजूद शोर-शराबा किया जा रहा है और कांग्रेस का उद्देश्य केवल व्यवधान पैदा करना है, समाधान निकालना नहीं।
