जंगल में माओवादियों के गुप्त खजाने को तलाश रहा ISRO का सैटेलाइट, जमीन के नीचे दबा है 200 करोड़ का बारूद
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। माओवादियों का सफाया करने के बाद अब सुरक्षाबलों ने उनके नेटवर्क को जड़ से मिटाने के लिए 'ऑपरेशन खजाना' शुरू किया है। इस हाईटेक अभियान के तहत घने जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए माओवादियों के घातक हथियारों और नकदी को निकाला जा रहा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। माओवादियों का सफाया करने के बाद अब सुरक्षाबलों ने उनके नेटवर्क को जड़ से मिटाने के लिए 'ऑपरेशन खजाना' शुरू किया है। इस हाईटेक अभियान के तहत घने जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए माओवादियों के घातक हथियारों और नकदी को निकाला जा रहा है।
इसके लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सैटेलाइट और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अनुमान है कि माओवादियों ने जमीन के नीचे 200 करोड़ रुपये से अधिक का बारूद और कैश दबा रखा है। बीते तीन महीनों में ही सुरक्षा बल ने इस ऑपरेशन के जरिए आठ करोड़ रुपये से अधिक के अत्याधुनिक हथियार और नकदी बरामद करने में सफलता हासिल की है।
अधिकारियों के मुताबिक, बस्तर के घने जंगलों के कारण जो इलाके इंसानी आंखों से ओझल हैं, उन पर नजर रखने के लिए इसरो के अत्याधुनिक रिसैट-2बी सैटेलाइट का उपयोग
किया जा रहा है। यह सैटेलाइट संदिग्ध खोदाई, नई पगडंडियों और जमीन के तापमान में आने वाले अंतर (थर्मल सिग्नेचर) के जरिये सटीक डंप लोकेशंस को ट्रेस कर रहा है।
