Lucknow, India

'तुमने पुकारा और हम चले आए…' मशहूर सिंगर सुमन कल्याणपुर का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Published 31 May 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसे अनगिनत सदाबहार गानों को अपनी जादुई आवाज देने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम मुंबई स्थित उनके आवास पर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसे अनगिनत सदाबहार गानों को अपनी जादुई आवाज देने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। यह जानकारी उनके एक करीबी दोस्त ने दी। सुमन कल्याण 89 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। 1960 और 70 के दशक में लता मंगेशकर के दौर में संगीत जगत में अपनी एक अलग और अमिट पहचान बनाने वाली सुमन जी ने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली और कन्नड़ सहित कई भाषाओं में सैकड़ों यादगार गीत गाए थे।

गायिका पर प्रशंसित मराठी जीवनी 'सुमन सुगंध' लिखने वाली मंगला खाडिलकर ने PTI को बताया, "सुमन जी का निधन रात करीब 8 बजे लोखंडवाला स्थित उनके घर पर बुढ़ापे के कारण हुआ। उनका निधन शांतिपूर्ण रहा। पिछले कुछ दिनों से वह अपने ही गाने सुन रही थीं।" कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक के बीच अपनी सुरीली आवाज़ से काफी लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने उस समय की शीर्ष गायिका लता मंगेशकर के साथ-साथ अपनी एक खास जगह बनाई। कल्याणपुर के कुछ लोकप्रिय गाने हैं "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे", "ना ना करते प्यार तुम्हीं से", "तुमने पुकारा और हम चले आए" और कई अन्य।

खबरें और भी उन्होंने हिंदी, मराठी, असमिया, कन्नड़, बंगाली, उड़िया और अन्य सहित कई भाषाओं में गाने गाए। उन्होंने भक्ति गीत, गज़लें और ठुमरियां भी गाईं। हालांकि कई लोग उनकी आवाज़ की तुलना दिग्गज गायिका लता मंगेशकर से करते थे, लेकिन कल्याणपुर ने हमेशा इस तुलना को खारिज किया। PTI को दिए 2022 के एक इंटरव्यू में, उन्होंने मंगेशकर को एक करीबी दोस्त बताया था। उस समय उन्होंने कहा था, "हर कोई उनके गानों को पसंद करता था, और वह अमर रहेंगी। हमने फिल्म 'चांद' के लिए एक साथ एक युगल गीत रिकॉर्ड किया था।

जब भी मैं उनसे मिलती थी, तो ऐसा लगता था जैसे मैं किसी करीबी दोस्त से मिल रही हूँ। मेरा मानना है कि उन्हें भी ऐसा ही महसूस होता था।"

Read full story on TheBriefWire

Loading…