CBI की क्लीन चिट,neet-2024 पेपरलीक में संजीव मुखिया शामिल नहीं:क्वेश्चन चुराने, लीक करने या कैंडिडेट्स में बांटने के सबूत नहीं; 45 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
NEET-UG पेपरलीक को लेकर देश भर में छात्रों का आंदोलन चल रहा है। दिल्ली से लेकर पटना और देश के दूसरे हिस्सों में प्रदर्शन हो
NEET-UG पेपरलीक को लेकर देश भर में छात्रों का आंदोलन चल रहा है। दिल्ली से लेकर पटना और देश के दूसरे हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर स्टूडेंट्स और पुलिस सामने-सामने है। बढ़ते बवाल के बीच गुरुवार को CBI ने 2024 में हुए NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया को क्लीन चिट दी है। परीक्षा माफिया के नाम से पहचाने जाने वाले संजीव मुखिया को NEET-UG 2024 पेपर लीक का मास्टर माइंड समझा जा रहा था। अब गुरुवार को CBI ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी जांच में संजीव मुखिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। फिलहाल संजीव मुखिया बिहार पुलिस सिपाही बहाली पेपर लीक केस में जेल में बंद है। CBI को नहीं मिला कोई सबूत जांच एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया NEET (UG) 2024 का क्वेश्चन पेपर चोरी करने, उसे लीक करने या उसे बांटने में शामिल था। मामले की गहन जांच करने के बाद CBI इस बात से संतुष्ट है। पूरी साजिश और उसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। संजीव मुखिया क्यों और कैसे बना आरोपी NEET (UG) 2024 पेपर लीक की शुरुआती जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने की थी। शुरुआती जांच में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया पर चोरी में शामिल होने का शक हुआ, क्योंकि वह पहले भी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने के दूसरे मामलों में शामिल था।
इसलिए, बिहार पुलिस ने उसे उस FIR में आरोपी बनाया। 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल EOU ने इस मामले में अपनी एक डिटेल रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। हालांकि, उसी दौरान जांच CBI को सौंप दी गई थी। जांच एजेंसी अब दावा कर रही है कि अपनी जांच के दौरान CBI ने लीक हुए NEET-UG 2024 प्रश्न पत्र की चोरी और उसे आगे बांटने में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की। इसके साथ ही उन सभी उम्मीदवारों की भी पहचान किया, जिन्हें चोरी हुए प्रश्न पत्र का इस्तेमाल करने से फायदा हुआ। इसके बाद पटना की CBI कोर्ट में 45 लोगों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की गई। EOU ने संजीव को किया था गिरफ्तार NEET पेपप लीक के बाद से संजीव मुखिया फरार चल रहा था। करीब 11 महीने बाद में EOU की टीम ने उसे पहले के केस में गिरफ्तार किया था। चूंकि, वह NEET-UG 2024 मामले की FIR में भी नामजद आरोपी था, इसलिए CBI ने पूछताछ के लिए उसे कस्टडी में लिया। जांच के दौरान NEET-UG 2024 मामले में उसकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला। इसलिए CBI ने इस मामले में उसके खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की और उसे NEET-UG मामले में जमानत मिल गई। CBI के मामले में जमानत मिलने के बाद भी संजीव मुखिया न्यायिक हिरासत में रहा, क्योंकि वह बिहार पुलिस द्वारा जांच किए जा रहे कुछ अन्य मामलों में भी आरोपी था। अब जानिए पेपरलीक की पूरी कहानी 5 मई 2024 को देश में NEET UG की परीक्षा चल रही थी।
पटना में अचानक खबर आई कि झारखंड नंबर वाली एक डस्टर कार संदिग्ध तरीके से परीक्षा केंद्र के आसपास घूम रही है। पुलिस ने गाड़ी जब्त की. उससे 4 परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि NEET UG की परीक्षा में सेटिंग हुई है। परीक्षा से एक दिन पहले 4 मई को पटना के रामकृष्णा नगर थाना के तहत खेमनीचक स्थित लर्न बॉयज हॉस्टल एंड लर्न प्ले स्कूल में 35 परीक्षार्थियों को भेजा गया है। वहां उन सभी को रात में रखा गया। परीक्षा से पहले उसमें पूछे जाने वाले सवाल और जवाब रटने के लिए उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस रेड में वहां से जले हुए पेपर के टुकड़े, पोस्टडेटेड चेक और एडमिट कार्ड बरामद हुए। साथ ही आयुष नाम के कैंडिडेट को गिरफ्तार किया था। पटना में शास्त्री नगर थाना पुलिस ने FIR नंबर 358/24 दर्ज की थी। पड़ताल आगे बढ़ी को पुलिस के हाथ कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड और पेपर लीक करने वाले गिरोह को दिए गए पोस्टडेटेड चेक और सर्टिफिकेट लगे। इसके बाद मामला बड़ा होते देख 5वें दिन यानी 10 मई 2024 को EOU ने खुद शास्त्री नगर थाना में दर्ज पेपर लीक केस को टेक ओवर कर लिया। उस वक्त EOU के तत्कालीन ADG नैयर हसनैन खान ने मामले की जांच के लिए SP की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। EOU की जांच की आंच झारखंड से संजीव मुखिया तक EOU की जांच में पेपरलीक का झारखंड कनेक्शन निकला। क्योंकि, परीक्षा से पहले जिसके मोबाइल पर क्वेश्चन पेपर और उसके जवाब का PDF भेजा गया था, वो देवघर के देवीपुर थाना क्षेत्र के फार्म हाउस में बलदेव कुमार उर्फ चिंटू छिपा हुआ था।