Review: लोकतंत्र बचाने निकले थलपति विजय, कैसी है 'जन नायकन'?
'ईट का जवाब पत्थर से देना पड़ता है, हर बात धरना देना या अनशन से पूरी नहीं होती...' सिनेमाघर में गूंजता यह एक डायलॉग ही
'ईट का जवाब पत्थर से देना पड़ता है, हर बात धरना देना या अनशन से पूरी नहीं होती...' सिनेमाघर में गूंजता यह एक डायलॉग ही यह बताने के लिए काफी है कि पर्दे पर क्या माहौल होने वाला है. थलपति विजय की फिल्म 'जन नायगन'(जन नेता) देखने जब दर्शक थियेटर पहुंच रहे हैं, तो पूरा हॉल किसी क्रिकेट स्टेडियम से कम नजर नहीं आ रहा. हर सीन पर सीटी, हर डायलॉग पर चीयरिंग और विजय के एंट्री सीन्स पर जश्न का माहौल है.
