"हम तो शहीद हैं, हर युग में जन्म लेंगे...":मऊगंज का किसान बेटा दिल्ली के आंदोलन में घायल; 40 लाख लोगों ने देखा वीडियो
अपने ही जवान गुलाम थे। उन्होंने गोली मारी थी। अब में सिर्फ फर्क इतना है।
अपने ही जवान गुलाम थे। उन्होंने गोली मारी थी। अब में सिर्फ फर्क इतना है। आपने लाठी मारी है। हम तो शहीद हैं। हर युग में जन्म लेंगे। तुम क्या सोचते हो हम मर जाएंगे? तुम हमारे नौकर हो। हम तुम्हारे मालिक हैं। हर युग में जन्म लेके तुम्हारी औकात बताएंगे। ये शब्द मऊगंज के 38 वर्षीय किसान अनिल सिंह के हैं, जो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद उन्होंने कहे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे करीब 40 लाख लोग देख चुके हैं। नई गढ़ी ब्लॉक के मझिगवां निवासी अनिल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने 17 जुलाई को दिल्ली गए थे। वे अभी वहीं हैं। परिवार उनके लौटने और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, लेकिन उनके संघर्ष पर गर्व भी जता रहा है। दैनिक भास्कर की टीम मझिगवां पहुंची, पढ़िए रिपोर्ट…. पत्नी से कहा- छात्रों के भविष्य के लिए जा रहा हूं… अनिल किसान परिवार से हैं। उन्होंने दसवीं तक पढ़ाई की और खेती-किसानी से जुड़ गए। परिवार के अनुसार, वे बचपन से जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
घर पर पिता भोला सिंह, पत्नी ज्योति सिंह और दो बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं। अनिल ने घर से निकलते समय पत्नी से कहा था कि वे छात्रों के भविष्य और नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वापस नहीं आऊंगा पत्नी ज्योति सिंह ने बताया- वह हमेशा देश और समाज की सेवा की बात करते हैं। बच्चों के भविष्य और शिक्षा को लेकर भी बहुत चिंतित रहते हैं। आज सुबह उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा कि अभी इसी सेवा में लगा हूं, आने में थोड़ा समय लगेगा। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वापस नहीं आऊंगा। अनिल का छह वर्षीय बेटा श्रेयांश पहली और चार वर्षीय बेटी अंशिका एलकेजी में पढ़ती है। अनिल बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। पिता बोले- बेटा देश के लिए लड़ने गया है पिता भोला सिंह ने कहा- मेरा बेटा पहले से ही संघर्ष करने वाला रहा है। गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़ा रहता था। वह देश के लिए लड़ने गया है। पुलिस ने मेरे बेटे को मारा, यह अच्छा नहीं किया।
मुझे अपने बेटे पर गर्व है। बेटी बोली- पापा को पुलिस वालों ने मारा चार वर्षीय बेटी अंशिका ने कहा- मेरे पापा दिल्ली गए हैं। मेरी उनसे बात हुई है। पापा ने कहा है कि मैं आऊंगा। पापा को पुलिस वालों ने मारा है। मैंने उनकी फोटो भी देखी है। भतीजी खुशी सिंह बघेल और गांव के लोगों ने भी अनिल के साहस पर गर्व जताते हुए कहा कि वे छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं। गांव वाले बोले- अनिल ने मझिगवां का नाम रोशन किया पड़ोस में रहने वाली शुभप्रीत सिंह ने कहा कि किसान परिवार का बेटा अपने छोटे बच्चों और पत्नी को छोड़कर दिल्ली गया है। वह छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है। अनिल के साहस पर पूरे गांव को गर्व है। सुमन सिंह ने कहा कि छात्रों के लिए इतनी दूर जाकर आंदोलन में शामिल होना युवाओं के लिए प्रेरणा है। नरेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जिन लोगों की गलती है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मां बोली- समाज और देश हित में गया है बेटा मां शिवेंद्री सिंह ने कहा- बेटा अपने परिवार या बाल-बच्चों के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के हित में जनता के संकट दूर करने के लिए लड़ाई लड़ रहा है।