130 साल की जिंदगी, मौत पर नहीं जला चूल्हा... शांत स्वभाव वाले मगरमच्छ गंगाराम की कहानी
मगरमच्छ... नाम सुनते ही लोग घबरा जाएं. लेकिन क्या कोई मगरमच्छ ऐसा भी हो सकता है, जिसकी मौत पर पूरा गांव शोक में डूब जाए?
मगरमच्छ... नाम सुनते ही लोग घबरा जाएं. लेकिन क्या कोई मगरमच्छ ऐसा भी हो सकता है, जिसकी मौत पर पूरा गांव शोक में डूब जाए?
जिसके जाने के बाद किसी घर में चूल्हा न जले और पूरा गांव उसे अंतिम विदाई दे. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के गांव का 'गंगाराम'
ऐसा ही मगरमच्छ था. 130 साल तक तालाब में रहने वाले गंगाराम की कहानी बच्चे अब किताबों में पढ़ेंगे.
