पश्चिम बंगाल: जनवरी से बदल जाएगी बिजली बिल व्यवस्था, शुभेंदु सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए क्या बड़े फैसला लिए?
पश्चिम बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) के उपभोक्ताओं को अगले साल जनवरी से हर तीन महीने के बजाय हर महीने बिजली बिल मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने किसानों के लिए अतिरिक्त बिजली सब्सिडी, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली क्षेत्र में सुधार से जुड़े कई फैसलों की भी घोषणा की। किसानों के लिए सरकार ने क्या बड़े फैसले किए? मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिलिंग व्यवस्था में बदलाव कर रही है।
अभी WBSEDCL के कई उपभोक्ताओं को तीन महीने में एक बार बिजली बिल मिलता है, लेकिन जनवरी से यह व्यवस्था बदल जाएगी और हर महीने बिल जारी होगा। सरकार का मानना है कि मासिक बिल आने से उपभोक्ताओं पर एकमुश्त भुगतान का बोझ कम होगा और बिजली खर्च का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट बिजली मीटर अनिवार्य नहीं किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना लागू करेगी। इसके तहत किसानों को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 1 अगस्त से किसानों को अतिरिक्त बिजली सब्सिडी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से खेती की लागत कम करने और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बिजली कंपनी को लेकर क्या प्रस्ताव रखा गया? मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (WBPDCL) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (लिस्ट) करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का उद्देश्य बिजली क्षेत्र की इस सार्वजनिक कंपनी को पूंजी बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराना और उसके विकास के लिए नए निवेश के अवसर तैयार करना है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत प्रक्रिया और समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई।
स्मार्ट मीटर पर सरकार ने क्या स्पष्ट किया? मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट बिजली मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं पर किसी तरह की बाध्यता नहीं थोपी जाएगी। सरकार का कहना है कि बिजली सेवाओं में सुधार के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सुविधा और हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसी उद्देश्य से बिलिंग व्यवस्था, कृषि क्षेत्र के लिए सब्सिडी और ऊर्जा सुधारों से जुड़े फैसले लिए गए हैं।
