Ashok Lavasa Interview: SIR, नागरिकता, सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, क्या बोले पूर्व चुनाव आयुक्त? (BBC)
पिछले एक साल से स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न या एसआईआर की प्रक्रिया विवादों में घिरी रही है. पिछले साल जून में ये प्रक्रिया बिहार में शुरू की गई और उसके बाद इसे नौ राज्यों और तीन केंद्र-शासित प्रदेशों में करवाया गया. एसआईआर पर लगातार सवाल उठते रहे और आरोप लगा कि
पिछले एक साल से स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न या एसआईआर की प्रक्रिया विवादों में घिरी रही है. पिछले साल जून में ये प्रक्रिया बिहार में शुरू की गई और उसके बाद इसे नौ राज्यों और तीन केंद्र-शासित प्रदेशों में करवाया गया. एसआईआर पर लगातार सवाल उठते रहे और आरोप लगा कि इस प्रक्रिया ने लाखों लोगों से उनके वोट डालने के अधिकार को छीन लिया है.
हाल में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में भी एसआईआर को लेकर काफ़ी चर्चा रही. कुछ ही दिन पहले 27 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसले में एसआईआर को वैध क़रार दिया है. इस फ़ैसले के क्या मायने हैं? और क्या सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला एसआईआर के बारे में उठाई गई सभी चिंताओं का समाधान करता है?
इसी विषय पर पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा से बात की बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ने. एडिट: अरीबा अंसारी * बीबीसी हिंदी से आप इन
सोशल मीडिया चैनल्स पर भी जुड़ सकते हैं फ़ेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम व्हाट्सऐप बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें