मौसम की मार: मानसून की बारिश में हीराकुंड डैम लबालब; उत्तर से ओडिशा तक हाहाकार; असम समेत कहां-कितनी जनहानि?
बाढ़ से प्रभावित जिलों में गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ, धेमाजी, शोणितपुर, उदलगुड़ी, नगांव, चराईदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर शामिल
बाढ़ से प्रभावित जिलों में गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ, धेमाजी, शोणितपुर, उदलगुड़ी, नगांव, चराईदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत सामग्री गिराकर पहुंचाई जा रही है। बाढ़ के पानी ने 44 राजस्व सर्किलों के तहत आने वाले 872 गांवों को डुबो दिया है। इसके अलावा 24,210.35 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे खेती को भारी नुकसान हुआ है।बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान शिवसागर जिले में हुआ है, जहां अकेले 3.59 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके अलावा जोरहाट जिले में 87,662 लोग, चराईदेव जिले में 72,646 लोग, डिब्रूगढ़ जिले में 18,615 लोग और गोलाघाट जिले में 16,799 लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 273 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। बाढ़ के कारण घर छोड़ने को मजबूर हुए 1.14 लाख से अधिक लोगों ने इन शिविरों में शरण ली है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ब्रह्मपुत्र, दिखोव, देसांग और धनसिरी सहित कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें से कुछ जल निकायों ने अत्यधिक बाढ़ का स्तर भी पार कर लिया है।असम में भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल विभाग सहित कई एजेंसियां राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। ऊपरी असम के कुछ हिस्सों में रेल पटरियों पर पानी भरने के कारण दूसरे दिन भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया, कुछ को बीच में ही समाप्त कर दिया और कई के मार्ग बदल दिए। रेलवे ने फंसे हुए यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की भी घोषणा की है।वहीं जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्सों में मंगलवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे नदियां और नाले उफान पर आ गए। पानी लोगों के घरों में घुस गया और कई दुकानें तथा वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। कठुआ जिले में एक नदी से दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया। पूरे जम्मू क्षेत्र में व्यापक जलभराव दर्ज किया गया है।अधिकारियों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों लोगों को बचाकर सुरक्षित निकाला गया है और कई लोग राहत केंद्रों में शरण लिए हुए हैं। मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद नाले का जलस्तर बढ़ गया, जिससे बडगाम जिले में उफनती बाढ़ के पानी में कई दुकानें बह गईं। इसके अलावा कश्मीर घाटी के कई इलाकों में बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई जल निकायों का जलस्तर बढ़ गया।जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में लापता सात लोगों की तलाश के लिए बचावकर्मियों का अभियान जारी रहा। पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में रविवार से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है और सात अन्य लोग अभी भी लापता हैं।नागालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
