केतन अग्रवाल हत्याकांड: कैसे रची गई दर्दनाक मौत की पटकथा, लोहागढ़ को ही क्यों चुना? पुलिस ने एक-एक बात बताई
पहला नाकाम प्रयास: सिया गोयल 14 जून को केतन को लेकर लोहगढ़ गई थी, लेकिन तब हत्या की कोशिश नाकाम रही। सिया गोयल 14 जून
पहला नाकाम प्रयास: सिया गोयल 14 जून को केतन को लेकर लोहगढ़ गई थी, लेकिन तब हत्या की कोशिश नाकाम रही। सिया गोयल 14 जून को केतन को लेकर लोहगढ़ गई थी, लेकिन तब हत्या की कोशिश नाकाम रही। दूसरी बार में खौफनाक वारदात: 18 जून को चेतन चौधरी भी शामिल हुआ और दोनों ने केतन को खाई में धक्का दे दिया। 18 जून को चेतन चौधरी भी शामिल हुआ और दोनों ने केतन को खाई में धक्का दे दिया। कोई सुपारी किलिंग नहीं: पुलिस ने साफ किया कि इसमें कोई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का कोण नहीं है।
पुलिस ने साफ किया कि इसमें कोई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का कोण नहीं है। रिश्ते में रोड़ा: आरोपियों का मुख्य मकसद केतन को अपने रास्ते से हटाना था। आरोपियों का मुख्य मकसद केतन को अपने रास्ते से हटाना था। जेल में आरोपी: दोनों आरोपी फिलहाल यरवदा केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने पहले केतन को किसी हादसे में सिर्फ घायल करने का प्लान बनाया था। उनका मकसद आने वाली बाली यात्रा को टालना था। हालांकि, बाद में दोनों डर गए कि अगर केतन बच गया तो उनका भांडा फोड़ देगा।
इसके बाद उन्होंने हत्या का पक्का इरादा बना लिया।साजिश रचने वालों ने टाइगर पॉइंट, विसापुर किला और लोहगढ़ किला का सर्वे किया। उन्होंने तस्वीरें आपस में शेयर कीं। इंटरनेट पर अपराध से जुड़ी फिल्में और तरीके सर्च किए गए। आखिरकार, ढलान से नीचे धक्का देकर हत्या को हादसा दिखाने के लिए लोहगढ़ किला चुना गया।पिंपरी-चिंचवड़ के व्यवसायी केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई फरवरी में हुई थी। हालांकि, सिया पहले से ही चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और शादी नहीं करना चाहती थी। बाली ट्रिप टालने के लिए सिया ने पहले केतन का पासपोर्ट तक छिपा दिया था।
18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन को खाई में फेंक दिया गया और शुरुआती तौर पर इसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई। लेकिन सीसीटीवी में चेतन की संदिग्ध मौजूदगी (गर्मी में हुडी पहने दिखना) और कॉल डिटेल्स से मामले की कड़ियां जुड़ीं, जिसके बाद पुलिस ने 23 जून को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
