Fake Trading App: फर्जी एप से लोगों को कैसे फंसाया? लाखों की ठगी मामले में गूगल इंडिया प्रमुख भी बने सह-आरोपी
हैदराबाद में साइबर ठगी के तीन मामलों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये
हैदराबाद में साइबर ठगी के तीन मामलों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले फर्जी एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध थे। इसी वजह से हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इन मामलों में कथित तौर पर गूगल इंडिया के प्रमुख को भी सह-आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों ने प्ले स्टोर पर उपलब्ध एप्स को भरोसेमंद मानकर डाउनलोड किया और बाद में ठगी का शिकार हो गए। इन मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पहले मामले में 69 वर्षीय व्यक्ति के साथ कैसे हुई ठगी? पुलिस के अनुसार तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गूगल इंडिया को नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस यह जांच करेगी कि संबंधित एप्स में क्या सामग्री थी और क्या उनमें किसी तरह की धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियां थीं।
यदि जांच में कोई संदिग्ध बात सामने आती है तो गूगल से ऐसे एप्स को प्ले स्टोर से हटाने के लिए कहा जाएगा। वहीं, सूत्रों के अनुसार गूगल भी पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है। पहली शिकायत 69 वर्षीय व्यक्ति ने 15 जुलाई को दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मई में सोशल मीडिया पर उन्हें एक दिखाई दिया, जिसमें दावा किया गया था कि निवेशक हर सप्ताह 22 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। पर भरोसा करके उन्होंने लिंक खोला, अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया और बाद में एक महिला ने मैसेजिंग एप के जरिए उनसे संपर्क किया। इसके बाद उन्हें प्ले स्टोर से एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम निवेश करवाई गई, लेकिन बाद में उनका पैसा वापस नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 24.37 लाख रुपये का नुकसान हुआ। दूसरे और तीसरे मामले में कितना नुकसान हुआ?
दूसरे मामले में 40 वर्षीय व्यक्ति ने 14 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि फर्जी सिक्योरिटीज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे 17 लाख रुपये की ठगी की गई। उन्होंने भी प्ले स्टोर से भेजे गए लिंक के माध्यम से एप डाउनलोड किया था। निवेश करने के बाद जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी। वहीं तीसरे मामले में 71 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी ने 30 जून को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी ट्रेडिंग और निवेश एप के जरिए उनसे 7.42 लाख रुपये की ठगी की गई। गूगल इंडिया प्रमुख को सह-आरोपी क्यों बनाया गया? शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गूगल प्ले स्टोर पर एप की समीक्षा, कंटेंट मॉडरेशन और सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं होने के बावजूद फर्जी एप्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे। उनका कहना है कि यदि ऐसे एप्स को समय रहते रोका जाता तो वे ठगी का शिकार नहीं होते। इसी आधार पर शिकायतों में गूगल इंडिया के प्रमुख का नाम भी सह-आरोपी के रूप में शामिल किया गया है।
