Kerala: देश की सबसे युवा नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी गई, दीया बीनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कैसे हुआ पास?
कांग्रेस के पार्षदों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट क्यों दिया? पद से हटने के बाद दीया बीनू ने क्या कहा? अब आगे दीया
कांग्रेस के पार्षदों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट क्यों दिया? पद से हटने के बाद दीया बीनू ने क्या कहा? अब आगे दीया बीनू की क्या योजना है? अविश्वास प्रस्ताव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के समर्थन से लाया गया था। मतदान के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में 17 वोट पड़े। सबसे बड़ा झटका UDF को तब लगा जब कांग्रेस के चार पार्षदों ने पार्टी व्हिप का पालन नहीं किया और प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
कुल मिलाकर सत्तारूढ़ मोर्चे के पांच सदस्यों ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया। इसी वजह से UDF की नगर पालिका सरकार गिर गई।अविश्वास प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के बागी पार्षदों ने कहा कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई व्हिप नहीं मिला था। उनका दावा था कि उन्होंने स्थानीय कांग्रेस समिति के फैसले के अनुसार मतदान किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटनाक्रम के बावजूद कांग्रेस का नगर पालिका में राजनीतिक प्रभाव बना रहेगा। हालांकि उनके इस फैसले ने UDF की सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाई और राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई।दीया बीनू ने पद से हटने के बाद कहा कि वह लोकतांत्रिक फैसले का सम्मान करती हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पूरे कार्यकाल के दौरान उन पर भ्रष्टाचार, सरकारी धन के दुरुपयोग, रिश्वत, भाई-भतीजावाद, सरकारी आदेशों के उल्लंघन या किसी गैरकानूनी गतिविधि का एक भी साबित आरोप नहीं लगा। उनके अनुसार उनके खिलाफ कोई ऐसा तथ्यात्मक आरोप नहीं था जिसे प्रमाणित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी ईमानदारी से समझौता नहीं किया और हर फैसला कानून, पारदर्शिता और जनहित को ध्यान में रखकर लिया।दीया बीनू ने नगर पालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों और पाला की जनता का समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का पद सत्ता का प्रतीक नहीं बल्कि जनता की जिम्मेदारी होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पद हमेशा के लिए नहीं रहता, लेकिन सिद्धांत और मूल्य हमेशा साथ रहते हैं। इसलिए वह एक निर्वाचित पार्षद के रूप में जनता की सेवा जारी रखेंगी और पारदर्शिता, कानून के शासन तथा जनकल्याण के लिए काम करती रहेंगी।
