Monsoon Session: जंतर-मंतर के आंदोलन को तौल रहे हैं सरकार और विपक्ष, सदन में आगे भी हंगामे के आसार
सुबह प्रधानमंत्री ने एनडीए के सांसदों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। सरकार के छात्रहित के साथ जुड़े रहने का मंत्र दिया। 11.00 बजे लोकसभा
सुबह प्रधानमंत्री ने एनडीए के सांसदों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। सरकार के छात्रहित के साथ जुड़े रहने का मंत्र दिया। 11.00 बजे लोकसभा और राज्यसभा की बैठक आरंभ हुई और हंगामे की भेंट चढ़ गई। इसके बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत अन्य घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल की ओर निकल दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को घायलों का हाल चाल लेने के लिए कहा। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा लेडी हार्डिंग और राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए। मंत्रिमंडल के सहयोगियों को भी उन्होंने छात्रहित से किसी भी तरह की अनदेखी न होने का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब नीट पेपर कभी लीक नहीं होगा और इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा क्या बोले? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कल के संसद मार्च और प्रदर्शन के दौरान 40 सुरक्षा बलों के जवान और 30 प्रदर्शनकारी युवा घायल हुए थे।
इनमें से सुरक्षा कर्मियों को प्रथमिक इलाज के बाद कल छुट्टी दे दी गई। 30 छात्रों में से दो अभी अस्पताल में हैं। उनका इलाज चल रहा है। घायलों की अच्छे तरीके से देखभाल हो रही है। नड्डा ने घायल लोगों के साथ अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार छात्र हितों की अनदेखी नहीं कर सकती। नड्डा ने कहा कि कल उनसे प्रदशर्नकारियों के प्रतिनिधि मिलने आए थे। उन्होंने अपनी तीन मांगे रखी थी। नड्डा ने कहा कि हमने इस बारे में अपनी तरफ से उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया है। जैसा सरकार निर्णय लेगी, उन्हें इससे अवगत करा दिया जाएगा। नहीं चली संसद, विपक्ष ने किया चर्चा की मांग और हंगामा संसद में मानसून सत्र का दूसरा दिन खूब हंगामेदार रहा। विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा में नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा और जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज को लेकर खूब हंगामा किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर काफी सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य सहयोगियों से चर्चा की थी। इस चर्चा के बाद प्रदर्शनकारियों से संवाद शुरू करने का निर्णय हुआ था। बताते हैं दिल्ली पुलिस के अफसरों ने इस सूचना को कॉकरोच जनता पार्टी के रणनीतिकारों तक पहुंचाया और इसके बाद वैभव दास तथा आशुतोष राकां जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे। सरकार इस पूरी प्रक्रिया में कहीं भी कमजोर नहीं दिखाई देना चाहती। इसलिए सरकार खुद प्रदर्शनकारियों के पास संवाद के लिए नहीं गई। बल्कि उनके सरकार के पास आने का रास्ता बनाया। शाह की मीटिंग में यह भी तय हुआ कि सरकार अभी न तो सीधे तौर पर कोई मांग मानेगी और न ही कोई आश्वासन या भरोसा देगी। स्वास्थ्य मंत्री ने भी यही किया। मांग पत्र लेकर विचार करने के बाद निर्णय लेने की बात कहकर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को लौटा दिया।
आगे भी हंगामे के आसार विपक्ष को अभी तक भरोसा नहीं था कि जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का प्रदर्शन और युवाओं का संसद मार्च इस तरह रंग लेकर आएगा। युवाओं का गुस्सा, उबाल और उनकी प्रतिक्रिया देखकर नींद में सो रहा विपक्ष जाग गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह समेत सभी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। विपक्ष नीट पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर अड़ गया है। विपक्ष के नेता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी संसद में उठाएगा और हंगामा होने के पूरे आसार हैं।
