Manipur: मणिपुर में शांति की ओर बड़ा कदम, प्रतिबंधित केसीपी के 46 कैडर ने किया आत्मसमर्पण
मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा के बीच स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली
मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा के बीच स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के 46 कैडरों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इम्फाल ईस्ट स्थित मणिपुरीखुरी गैरीसन में हुए आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की स्पीयर कोर के जीओसी, मणिपुर के डीजीपी, असम राइफल्स के आईजीएआर (दक्षिण), रेड शील्ड डिवीजन के जीओसी और सीआरपीएफ के डीआईजी समेत वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण कई महीनों तक चले लगातार और धैर्यपूर्ण संपर्क एवं संवाद अभियान का परिणाम है। भारतीय सेना और असम राइफल्स की स्पीयर कोर के तहत आने वाली इकाइयों ने पूर्वी कमान के मार्गदर्शन में कैडरों तक पहुंच बनाने और हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। इस अभियान में मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी सहयोग किया। असम राइफल्स की ओर से लगातार संपर्क बनाए रखने और संवाद के रास्ते खुले रखने पर विशेष जोर दिया गया।
सुरक्षा बलों के मुताबिक, इसी सतत प्रयास से प्रतिबंधित संगठन के कैडरों में हिंसा छोड़कर शांति और पुनर्वास की राह अपनाने का भरोसा पैदा हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले 46 कैडरों ने हिंसा का त्याग कर सामान्य नागरिक जीवन में लौटने और समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बनने का संकल्प लिया है। सुरक्षा बलों ने इस घटनाक्रम को मणिपुर में शांति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया राज्य में हिंसा को कम करने और स्थायी शांति का माहौल तैयार करने के प्रयासों को मजबूती देगी।
भारतीय सेना ने कहा कि वह मणिपुर में शांति, स्थिरता और सामान्य स्थिति की बहाली के लिए प्रतिबद्ध है। सेना और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक लोगों तक पहुंच बनाने और उन्हें पुनर्वास का अवसर देने के प्रयास आगे भी जारी रखे जाएंगे।
