Explainer: सुरंग निर्माण के दौरान क्यों होते हैं हादसे, ऐसी घटनाएं कब बनी सुर्खियां, सुरक्षा के नियम क्या?
क्या ऐसे मामले पहली बार सामने आ रहे हैं? नहीं, पहले भी इस तरह के कई सुरंग हादसे हो चुके हैं। जैसे... तेलंगाना (फरवरी 2025)
क्या ऐसे मामले पहली बार सामने आ रहे हैं? नहीं, पहले भी इस तरह के कई सुरंग हादसे हो चुके हैं। जैसे... तेलंगाना (फरवरी 2025): नागरकुरनूल जिले में एसएलबीसी (SLBC) परियोजना की सुरंग का हिस्सा ढह गया था। हादसे में इंजीनियर और मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए थे। नागरकुरनूल जिले में एसएलबीसी (SLBC) परियोजना की सुरंग का हिस्सा ढह गया था। हादसे में इंजीनियर और मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए थे। उत्तरकाशी (नवंबर 2023): सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का 57 मीटर हिस्सा ढह गया था। 41 मजदूर 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे, जिन्हें लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। देश के बड़े टनल रेस्क्यू ऑपरेशन कौन से रहे हैं?
सिलक्यारा-बड़कोट रेस्क्यू ऑपरेशन: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 12 नवंबर 2023 को सिलक्यारा-बड़कोट निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। इसके बाद शुरू हुआ 'ऑपरेशन सिलक्यारा' देश का सबसे लंबा टनल रेस्क्यू अभियान बना। करीब 17 दिनों तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, एनएचआईडीसीएल, ओएनजीसी, आरवीएनएल, बीआरओ समेत कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। शुरुआती ड्रिलिंग में कई तकनीकी बाधाएं आने के बाद अंतिम चरण में 'रैट-होल माइनर्स' ने मैन्युअल खुदाई कर फंसे मजदूरों तक रास्ता बनाया। 28 नवंबर 2023 को सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रानीगंज कोयला खदान रेस्क्यू ऑपरेशन: भारत के सबसे चर्चित बचाव अभियानों में पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोयला खदान हादसे का नाम लिया जाता है।
13 नवंबर 1989 को महाबीर कोलियरी में अचानक पानी भर जाने से खदान में बाढ़ आ गई और 232 खननकर्मी अंदर फंस गए। बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 161 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कई मजदूर लंबे समय तक अंदर फंसे रहे। इस हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 65 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। उस समय यह अभियान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण खदान बचाव अभियानों में गिना गया। जोजिला टनल रेस्क्यू ऑपरेशन: जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग स्थित जोजिला टनल परियोजना में 14 जनवरी 2023 को भारी हिमस्खलन के कारण निर्माण स्थल का वर्कशॉप क्षेत्र मुख्य परिसर से कट गया, जिससे 172 मजदूर वहां फंस गए।
मौसम बेहद खराब होने के बावजूद भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त बचाव अभियान चलाया। सेना की विशेष एवलॉन्च रेस्क्यू टीम, खोजी कुत्तों और चिकित्सा दल की मदद से अगले दिन सभी 172 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे दो दिन पहले इसी क्षेत्र में एक अन्य हिमस्खलन में दो मजदूरों की मौत भी हुई थी, जिसके कारण यह अभियान और अधिक चुनौतीपूर्ण माना गया।
