प्रकृति का कहर: बाढ़-भूस्खलन की विभीषिका झेल रहे देश के कई राज्य, असम में 11; नगालैंड में 9 की मौत, अलर्ट जारी
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों समेत पहाड़ी इलाकों में
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों समेत पहाड़ी इलाकों में प्रकृति कहर बरपा रही है। पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को एक और व्यक्ति की मौत के साथ राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। वहीं, नगालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। चार लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। असम के 11 जिलों में आई इस विनाशकारी बाढ़ से 3.60 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मपुत्र, डिकोह, देसांग और धनसिरी जैसी कई प्रमुख नदियां राज्य के विभिन्न हिस्सों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ जल निकायों ने बाढ़ का चरम स्तर भी पार कर लिया है।असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं सहित कई एजेंसियां लगी हुई हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, इस वर्ष की बाढ़ में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है। बिस्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के 758 गांवों में 3,10,800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाव एजेंसियों द्वारा नावों का उपयोग करके 9,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तैनात किया गया है, जबकि एसडीआरएफ की टीमें लखीमपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, डिब्रूगढ़, सोनितपुर, नगांव, मोरीगांव, होजाई, कामरूप मेट्रो, कामरूप, नलबाड़ी और बारपेटा में बचाव कार्य में जुटी हैं।असम में बाढ़ का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। ऊपरी असम के कई हिस्सों में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ट्रेन परिचालन प्रभावित रहा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कई ट्रेनों को रद्द किया है, कुछ को बीच रास्ते तक चलाया गया है और कुछ के मार्ग में बदलाव किया गया है। फंसे यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।
वहीं, वर्तमान में 52 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 12,720 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। करीब 14,411.267 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी जलमग्न हो गया है। नगालैंड में बाढ़ और भूस्खलन से नौ की मौत, चार अब भी लापता नगालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। मंगलवार को पांच और शव बरामद किए गए। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, चार लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने कहा है कि सर्वेक्षण पूरा होने के साथ नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में कम से कम 7,460 लोग प्रभावित हुए हैं। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित मोन जिला है। यहां भूस्खलन की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हुई है। इनमें मोन टाउन के शांतम वार्ड में हुई पांच मौतें भी शामिल हैं।
