दीवारों पर पुताई करने वाले हाथ अब थामेंगे स्टेथेस्कोप, मजदूर मां का बेटा बनेगा डॉक्टर
कहते हैं कि सपने देखने का हक हर किसी को है, लेकिन उन्हें सच करने का साहस बहुत कम लोग जुटा पाते हैं. बूंदी जिले
कहते हैं कि सपने देखने का हक हर किसी को है, लेकिन उन्हें सच करने का साहस बहुत कम लोग जुटा पाते हैं. बूंदी जिले के कापरेन कस्बे के रहने वाले सूरज सुमन ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो गरीबी, अभाव और मजबूरियां भी मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकतीं. जो हाथ कभी गांव-कस्बों में लोगों के घरों की पुताई कर परिवार का खर्च चलाने में मां का सहारा बनते थे, वही हाथ अब स्टेथेस्कोप थामकर मरीजों का इलाज करेंगे.
