Politics: यजमान टिप्पणी पर कांग्रेस MLA का यू-टर्न, शोभा करंदलाजे से जताया खेद, मांगी माफी; क्या थमेगा विवाद?
बालकृष्ण ने अपने बयान पर क्या सफाई दी? क्या कांग्रेस विधायक ने माफी भी मांगी? भाजपा ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बालकृष्ण ने अपने बयान पर क्या सफाई दी? क्या कांग्रेस विधायक ने माफी भी मांगी? भाजपा ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी? क्या इस विवाद पर अब विराम लगेगा? यह विवाद बंगलूरू के पास प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर शुरू हुआ। इस परियोजना का भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं। इसी दौरान परियोजना का बचाव करते हुए कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने शोभा करंदलाजे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस परियोजना की शुरुआत उनके यजमान ने की थी। चूंकि शोभा करंदलाजे अविवाहित हैं, इसलिए इस बयान के बाद से विवाद बढ़ गया।विवाद बढ़ने के बाद बालकृष्ण ने कहा कि उन्होंने शोभा करंदलाजे को हमेशा सम्मान के साथ शोभाक्का कहकर संबोधित किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यजमान और निम्मा साहेबरु जैसे शब्द उन्होंने केवल राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल किए थे। उनका कहना था कि वर्ष 2010 में बिदादी टाउनशिप परियोजना की दोबारा निविदा प्रक्रिया का जिक्र करते समय उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की भूमिका का उल्लेख किया था। उनके अनुसार, येदियुरप्पा ने ही शोभा करंदलाजे को संगठन में आगे बढ़ने और मंत्री बनने का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि उनके बयान को उसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।बालकृष्ण ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को किसी भी बयान का अर्थ उसके पूरे संदर्भ में समझना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को दुख पहुंचा है या किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए गहरा खेद व्यक्त करते हैं।
उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी की छवि खराब करना या व्यक्तिगत टिप्पणी करना नहीं था। उन्होंने शोभा करंदलाजे को वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उनके प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है।बालकृष्ण की टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि महिलाओं का अपमान करना क्या अब कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के मन में महिलाओं के प्रति सम्मान नहीं है और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की छवि खराब करने की कोशिश की जाती है। भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों पर चर्चा का विषय बन गया।कांग्रेस विधायक की ओर से खेद जताने के बाद भी यह मामला पूरी तरह शांत होता नहीं दिख रहा है।
भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस को लगातार घेर रही है, जबकि बालकृष्ण का कहना है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। अब यह देखना होगा कि उनकी सफाई और खेद व्यक्त करने के बाद राजनीतिक विवाद खत्म होता है या यह मुद्दा आगे भी सियासी बहस का हिस्सा बना रहता है।
