Explainer: भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन, क्या है QDENGA, कैसे काम करती है और किन लोगों को लगाई जाएगी?
दुनिया में कितने देशों ने अपनाया QDENGA वैक्सीन? टाकेदा के अनुसार, 2022 में पहली बार इंडोनेशिया में मंजूरी मिलने के बाद QDENGA को कई देशों
दुनिया में कितने देशों ने अपनाया QDENGA वैक्सीन? टाकेदा के अनुसार, 2022 में पहली बार इंडोनेशिया में मंजूरी मिलने के बाद QDENGA को कई देशों में स्वीकृति मिल चुकी है। कंपनी के मुताबिक 43 देशों में इसे मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में 3.2 करोड़ से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं। भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी ने 2024 में बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी भी की है।
इस साझेदारी के तहत हर साल 5 करोड़ डोज बनाने की क्षमता विकसित करने की योजना है। डब्ल्यूएचओ की क्या सिफारिश है? डब्ल्यूएचओ उच्च डेंगू संक्रमण वाले क्षेत्रों में 6 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए इस वैक्सीन की सिफारिश करता है। संस्थान का कहना है कि कम संक्रमण वाले इलाकों में फिलहाल इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की सलाह नहीं दी गई है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित 6 से 60 वर्ष तक के लोगों को भी, अगर उनके देश में गंभीर डेंगू का खतरा अधिक है, तो वैक्सीन देने पर विचार किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ यह भी स्पष्ट करता है कि यह वैक्सीन डेंगू के सभी मामलों को नहीं रोक सकती। इसलिए मच्छरों पर नियंत्रण, समय पर इलाज, जागरुकता और सामुदायिक भागीदारी डेंगू से बचाव के लिए उतने ही जरूरी हैं। दुनिया में डेंगू कितना बड़ा खतरा है? डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया की लगभग आधी आबादी डेंगू के खतरे वाले क्षेत्रों में रहती है। हर साल अनुमानित 10 से 40 करोड़ संक्रमण होते हैं।
वर्ष 2024 में डेंगू के 1.46 करोड़ से अधिक मामले और 12 हजार से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। भारत, इंडोनेशिया, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड दुनिया के सबसे अधिक डेंगू प्रभावित देशों में शामिल हैं।
