छत्तीसगढ़ के एक चौथाई विधायकों पर दर्ज है आपराधिक मामला, एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा
जेएनएन, रायपुर। पिछले ढाई वर्षों में राज्य के नौ विधायकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई हैं, जिससे आपराधिक मामलों में घिरे विधायकों की संख्या 23 (25.5 प्रतिशत) तक पहुंच गई है। ताजा मामला सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो का है, जिन पर नायब तहसीलदार से
जेएनएन, रायपुर। पिछले ढाई वर्षों में राज्य के नौ विधायकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई हैं, जिससे आपराधिक मामलों में घिरे विधायकों की संख्या 23 (25.5 प्रतिशत) तक पहुंच गई है। ताजा मामला सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो का है, जिन पर नायब तहसीलदार से मारपीट करने का आरोप है। इससे पहले, 12 मई को बेमेतरा पुलिस ने भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
फरवरी 2026 में कांग्रेस विधायक ब्यास नारायण कश्यप सहित 12 लोगों को जांजगीर-चांपा मार्ग जाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को एक किसान से 42.78 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजा गया था। इसके अलावा, कोंटा के कांग्रेस विधायक कवासी लखमा, सारंगढ़ की कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े, और जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर भी एफआइआर दर्ज की गई थी।
छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा चुनाव 2023 में निर्वाचित 90 विधायकों में से 17 (लगभग 19%) ने चुनावी हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी। इनमें भाजपा के 54 विधायकों में से 12 (22 प्रतिशत) और कांग्रेस के 35 विधायकों में से 5 (14 प्रतिशत) शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश के 45 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एडीआर ने 28 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के कुल 4,123 विधायकों में से 4,092 विधायकों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है।
