Aviation: एयरपोर्ट पर एंट्री हुई आसान, Digi Yatra 38 एयरपोर्ट पर सफल; अब 27 और हवाई अड्डों पर मिलेगी सुविधाएं
देश में डिजी यात्रा एप का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। अब इस सेवा सुविधा का विस्तार अगले साल देश के 27 और एयरपोर्ट तक किया जाएगा।अभी 38 एयरपोर्ट पर ये सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद देश के कुल 65 एयरपोर्ट पर यात्रियों की बायोमेट्रिक पहचान के जरिए एंट्री
देश में डिजी यात्रा एप का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। अब इस सेवा सुविधा का विस्तार अगले साल देश के 27 और एयरपोर्ट तक किया जाएगा।अभी 38 एयरपोर्ट पर ये सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद देश के कुल 65 एयरपोर्ट पर यात्रियों की बायोमेट्रिक पहचान के जरिए एंट्री और यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, नवी मुंबई, जेवर और भोगापुरम के नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शुरू से ही पूरी तरह डिजी यात्रा से लैस होंगे। Delighted to share that Digi Yatra has crossed 100 million usages. Seeing millions of Indians embrace a home grown digital solution for seamless travel is deeply encouraging. This milestone is a testament to the power of innovation, citizen trust, and Prime Minister Shri… pic.twitter.com/vk4xjS93Ah डिजी यात्रा एप के जरिए अब तक 10 करोड़ से ज्यादा यात्राएं आसान और बिना रुकावट के पूरी की जा चुकी हैं।
साथ ही एप्पल यूजर्स (iOS) और एंड्रॉयड (Android) पर इस एप को 2.4 करोड़ से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, डिजी यात्रा के जरिए मैन्युअल दस्तावेज़ जांच की जरूरत काफी हद तक खत्म हो गई है। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों की एंट्री का औसत समय 15 सेकंड से घटकर सिर्फ 5 सेकंड रह गया है। इस वजह से एयरपोर्ट पर भीड़ कम हुई है, यात्रियों की आवाजाही तेज हुई है और कर्मचारियों पर मैन्युअल जांच का बोझ भी घटा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कई बार घरेलू हवाई यात्रियों की दैनिक संख्या 5 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।
भारतीय एयरपोर्ट्स पर सालाना यात्री संख्या 2030 तक बढ़कर 50 करोड़ और 2040 तक लगभग 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की इस तेज़ी से बढ़ती संख्या को बेहतर तरीके से संभालने के लिए सरकार कई डिजिटल समाधान अपना रही है। इनमें डिजी यात्रा, सेल्फ बैगेज ड्रॉप सुविधा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑटोमेशन सिस्टम का विस्तार, शिकायत निवारण के लिए एयरसेवा पोर्टल और एयरपोर्ट संचालन को बेहतर बनाने के लिए एआई आधारित डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकें शामिल हैं। डिजी यात्रा को ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए आसान बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। फिलहाल यह एप 11 भाषाओं में उपलब्ध है और इस साल के अंत तक इसमें 11 और क्षेत्रीय भाषाएं जोड़ी जाएंगी।नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, डिजी यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और निजता का विशेष ध्यान रखा गया है।
यात्रियों का डेटा उनके मोबाइल फोन में सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहता है। यह जानकारी केवल पहचान सत्यापन के लिए कुछ समय के लिए संबंधित एयरपोर्ट के साथ साझा की जाती है।
