सरपंच बनने के लिए 63 की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा, बेटे ने दिया साथ
कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती. 63 वर्ष की आयु में मैट्रिक कर सरपंच बनने का सपना. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की
कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती. 63 वर्ष की आयु में मैट्रिक कर सरपंच बनने का सपना. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की 63 वर्षीय सुशीला देवी ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है. पांचवीं के बाद पढ़ाई छूट गई थी, लेकिन 58 साल बाद उन्होंने फिर से किताबें उठाईं और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की 10वीं की परीक्षा में 79.6 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की. उनका कहना है कि अपनी शिक्षा जारी रखने और सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने के करीब आने का मौका मिला.
