पंजाब- एक ही प्लॉट पर घर-दुकान और ऑफिस बना सकेंगे:7 दिन में नक्शा पास, सेल्फ-सर्टिफिकेशन होगा, जानिए नए मिक्स-यूज नियम में किसे फायदा
पंजाब में अब एक ही बड़े प्लॉट पर घर और कारोबार साथ-साथ चलाना आसान होगा। चुनाव से पहले राज्य सरकार ने 'पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड
पंजाब में अब एक ही बड़े प्लॉट पर घर और कारोबार साथ-साथ चलाना आसान होगा। चुनाव से पहले राज्य सरकार ने 'पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग (संशोधन) रूल्स, 2026' को मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत पहली बार मिक्स-यूज प्रोजेक्ट्स को कानूनी मान्यता दी गई है, यानी एक ही परिसर में रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियां की जा सकेंगी। इसके साथ ही 21 मीटर (करीब 6-7 मंजिल) तक की इमारतों के नक्शे और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था 15 जुलाई से लागू की गई। विभाग से अधिकृत (एम्पैनल) आर्किटेक्ट ही इनकी मंजूरी दे सकेंगे और 7 दिन के भीतर कोई आपत्ति नहीं आने पर नक्शा स्वत: पास माना जाएगा। सरकार ने मिक्स-यूज प्रोजेक्ट्स, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, एफएआर, हरित क्षेत्र, पार्किंग और अग्नि सुरक्षा के लिए भी नए मानक तय किए हैं।
हालांकि इन परियोजनाओं में बड़े अस्पताल, नियमित स्कूल-कॉलेज और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को अनुमति नहीं होगी। क्या होता है मिक्स-यूज प्रोजेक्ट? नए नियमों के मुताबिक, मिक्स-यूज प्रोजेक्ट ऐसे बड़े परिसर होंगे, जहां एक ही जगह पर घर, दुकानें, दफ्तर, आईटी/आईटीईएस कंपनियां और सरकार से मंजूर अन्य गतिविधियां एक साथ चल सकेंगी। इसका मकसद लोगों को रहने, काम करने और रोजमर्रा की जरूरत की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है, ताकि अलग-अलग जगह जाने की जरूरत कम पड़े। ऐसे प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 8,000 वर्गमीटर जमीन और 24 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क होना जरूरी होगा। जानिए कैसे होगा निर्माण सेल्फ-सर्टिफिकेशन के बारे में जानिए बिल्डिंग का नक्शा जल्दी मंजूर हो सके, इसके लिए सरकार ने 21 मीटर तक ऊंची इमारतों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा शुरू की है।
इस व्यवस्था में सरकार के पैनल में शामिल आर्किटेक्ट खुद ही भवन का नक्शा नियमों के मुताबिक होने का प्रमाण देंगे। इसके बाद हर मामले में लंबी सरकारी जांच का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा प्लॉट कितना बड़ा है या उस पर घर, दुकान या ऑफिस बनना है, इससे प्रभावित नहीं होगी। स्वीकृत लेआउट में आने वाले एससीओ (शॉप-कम-ऑफिस) और एससीएफ (शॉप-कम-फ्लैट) भी इसके दायरे में आएंगे, अगर वहां पहले से आर्किटेक्चरल कंट्रोल लागू हैं। आवेदन जमा करते ही संबंधित अधिकारी की ओर से रसीद जारी कर दी जाएगी। अगर 7 दिन के भीतर कोई आपत्ति नहीं आती, तो नक्शा अपने आप मंजूर माना जाएगा। हालांकि, सरकार जरूरत पड़ने पर औचक जांच (रैंडम चेकिंग) करती रहेगी। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन मिला, तो भवन मालिक और नक्शा प्रमाणित करने वाले आर्किटेक्ट, दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आवासीय भवनों के लिए क्या बदला नए नियमों के मुताबिक, अब घर का फर्श (प्लिंथ लेवल) सड़क के बीच वाले स्तर (क्राउन लेवल) से 600 मिलीमीटर तक ऊंचा बनाया जा सकेगा। अगर मकान में बेसमेंट बनाया जाता है, तो तय शर्तें पूरी करने पर कुछ अतिरिक्त रियायतें भी मिलेंगी। हालांकि, घर की अधिकतम ऊंचाई 13 मीटर ही रहेगी। सरकार ने सिर्फ ऊंचाई मापने के तरीके में कुछ तकनीकी बदलाव किए हैं, लेकिन इमारत की तय अधिकतम ऊंचाई में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन गतिविधियों पर लगाया प्रतिबंध इन गतिविधियों को विशेष अनुमति *************