नीट मामला- लातूर का कोचिंग डायरेक्टर पहले पार्ट-टाइम टीचर था:आज ₹1500 करोड़ की संपत्ति; पिछले साल भी कोचिंग तक पहुंचा था लीक पेपर
नीट मामला- लातूर का कोचिंग डायरेक्टर पहले पार्ट-टाइम टीचर था: आज ₹1500 करोड़ की संपत्ति; पिछले साल भी कोचिंग तक पहुंचा था लीक पेपर नई दिल्ली/जयपुर/लातूर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को मंगलवार को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 9 दिन की CBI की कस्टडी में
नीट मामला- लातूर का कोचिंग डायरेक्टर पहले पार्ट-टाइम टीचर था: आज ₹1500 करोड़ की संपत्ति; पिछले साल भी कोचिंग तक पहुंचा था लीक पेपर नई दिल्ली/जयपुर/लातूर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को मंगलवार को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 9 दिन की CBI की कस्टडी में भेजा गया। NEET पेपर लीक केस में नए खुलासे हुए हैं। CBI को सुराग मिले हैं कि पिछले साल भी NEET का पेपर परीक्षा से पहले महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) तक पहुंचा था। कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की पेपर लीक नेटवर्क से पुरानी सांठगांठ भी सामने आई है। उसकी नेटवर्थ ₹1500 करोड़ बताई जा रही है भास्कर ने इस कोचिंग से NEET 2025 में सफल छात्रों की पड़ताल की। इसमें 19 छात्रों का AIIMS में सिलेक्शन मिला। 2 छात्रों का AIIMS दिल्ली, 5 का हैदराबाद और 3-3 का भोपाल व वाराणसी AIIMS में सिलेक्शन हुआ। नागपुर, देवघर, गोरखपुर, राजकोट, रायपुर और मंगलगिरी AIIMS में भी एक-एक छात्र पहुंचे। CBI ने 17 मई को RCC के ठिकानों पर रेड डाली थी।
मोटेगांवकर अमीर और पढ़ाई में बेहतर छात्रों को टारगेट करता था सूत्रों के मुताबिक मोटेगांवकर ऐसे छात्रों को निशाना बनाता था, जो आर्थिक रूप से मजबूत हों और पढ़ाई में औसत से बेहतर हों। परिजनों से डील के बाद इन्हें रेगुलर बैच में शामिल किया जाता था। परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग कोर्स’ चलता था। पेपर मिलते ही इन छात्रों को सवाल-जवाब रटवाए जाते थे। CBI को इससे जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं। CBI के मुताबिक मोटेगांवकर कई साल से पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए प्रो. पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे के संपर्क में था। नेटवर्क में शामिल गुरुग्राम के यश यादव ने जयपुर के विकास बिवाल को NEET पेपर बेचा था। उसे पेपर नासिक के शुभम खैरनार से मिला था। 15 लाख रुपए में पेपर बेचने का शक CBI ने 19 मई को नागपुर के सेंट्रल एवेन्यू और इतवारी इलाके में दो छात्रों के घर छापे मारे। यहां से मोबाइल फोन, लैपटॉप, हस्तलिखित नोट्स और दूसरे डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। दोनों ने इस साल NEET एग्जाम दिया था।
CBI को शक है कि पुणे नेटवर्क के जरिए 15 लाख रुपए प्रति छात्र के हिसाब से लीक पेपर बेचा गया। एजेंसी को दोनों छात्रों के मनीषा वाघमारे और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से संपर्क के संकेत मिले हैं। री-एग्जाम को फुलप्रूफ बनाने के निर्देश केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को NEET री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 21 जून की परीक्षा सुरक्षित, निर्बाध और पूरी तरह फुलप्रूफ तरीके से कराई जाए। उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में जो भी खामियां सामने आईं, उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाए। अब तक 10 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 6 महाराष्ट्र से शिवराज का एग्जाम के बाद का VIDEO वायरल शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का एक वीडियो भी वायरल है। इसमें वो अपने कोचिंग सेंटर की कुछ स्टूडेंट्स से एग्जाम पर चर्चा करता नजर आ रहा है। वीडियो में वह मराठी में स्टूडेंट्स से एग्जाम के बारे में पूछता है। इस पर एक स्टूडेंट्स बोलती है- हां मॉक टेस्ट वाले सभी सवाल एग्जाम में आए थे। इस मामले में एक नया नाम जुड़ा है।
CBI को अब विवेक पाटिल नाम के व्यक्ति की तलाश है। शिवराज की ही गैंग ने विवेक को लीक पेपर उपलब्ध कराया था। साथ ही बड़े कोचिंग माफिया और NTA के कई अधिकारियों की भी मिलीभगत की बात कही जा रही है। CBI को उन लोगों की भी तलाश है, जिन्हें शिवराज ने लिखित पेपर और आंसर की उपलब्ध कराई थी। यह भी जानकारी सामने आई है कि पुणे से गिरफ्तार केमिस्ट्री प्रो. पीवी कुलकर्णी शिवराज की कोचिंग RCC में पढ़ा चुका है। वीडियो में शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने कोचिंग की स्टूडेंट्स से NEET पेपर पर चर्चा की थी। 3 मई को हुई NEET-UG, 12 मई को रद्द NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और रीएग्जाम का फैसला लिया गया।