डिजिटल आत्मनिर्भरता: भारत को मिला अपना सुरक्षित राष्ट्रीय समय नेटवर्क, विदेशी प्रणालियों से मिलेगी मुक्ति
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बंगलूरू की क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशाला (आरआरएसएल) में इस नेटवर्क की शुरुआत की। यह परियोजना उपभोक्ता मंत्रालय
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बंगलूरू की क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशाला (आरआरएसएल) में इस नेटवर्क की शुरुआत की। यह परियोजना उपभोक्ता मंत्रालय, सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) और इसरो की संयुक्त पहल है। यह प्रणाली व्हाइट रैबिट तकनीक के जरिये राष्ट्रीय समय मानक यूटीसी (एनपीएलआई) से जुड़े भारतीय मानक समय का सटीक प्रसारण करेगी।इससे बैंकिंग, शेयर बाजार, मोबाइल नेटवर्क, बिजली ग्रिड और सरकारी डिजिटल सेवाओं में समय की सटीकता बढ़ेगी।
सरकार ने सीएसआईआर-एनपीएल, इसरो, सेबी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बीएसएनएल के साथ मिलकर बंगलूरू से एनएसई के चेन्नई केंद्र तक सुरक्षित समय प्रसारण का सफल परीक्षण भी पूरा किया है।16 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जोशी ने इसरो मुख्यालय में वन नेशन, वन टाइम परियोजना की समीक्षा की थी।
उन्होंने कहा, देश का अपना भरोसेमंद समय स्रोत उपभोक्ता संरक्षण, निष्पक्ष व्यापार, साइबर सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करेगा। यह परियोजना भारत को तकनीकी
आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाएगी और सटीक समय प्रसारण के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होने में मदद करेगी।
