'2031 में ढहा देंगे बंगाल में BJP के सभी कार्यालय': अभिषेक बनर्जी ने दी चेतावनी, किस बात पर भड़के TMC सांसद?
अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमने आज हुई कार्रवाई के सभी वीडियो कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ओएसडी को ईमेल कर
अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमने आज हुई कार्रवाई के सभी वीडियो कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ओएसडी को ईमेल कर दिए हैं। इस मामले में जल्द से जल्द कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। जरूरत पड़ी तो हम सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। साथ ही मैं कह रहा हूं कि 2031 में जब तृणमूल कांग्रेस फिर से सत्ता में आएगी, तब भाजपा के सभी पार्टी कार्यालयों को भी उसी तरह और उसी कानून के तहत गिराया जाएगा, जिसके तहत आज आमतला स्थित हमारे कार्यालय को गिराया गया।"अभिषेक बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यालय को लेकर लगाए गए बूथ कैप्चरिंग के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
उन्होंने कहा कि अगर कार्यालय का इस्तेमाल चुनाव में गड़बड़ी के लिए होता तो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग इसे साबित करता।उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय को राजनीतिक बदले की भावना से गिराया गया। उनके अनुसार कार्रवाई के दौरान भाजपा के झंडे और भगवा गमछे लिए लोग परिसर में घुसे और वहां रखे फर्नीचर व अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, 'हम पूरे मामले को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके'।इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के बागी नेताओं, विधायकों और लोकसभा सांसदों को भी खुली चुनौती दी।
उन्होंने विशेष रूप से उन विधायकों का जिक्र किया जिन्होंने अलग बागी गुट बनाया है और उन सांसदों का भी, जो नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो चुके हैं।उन्होंने कहा, "मैं उन्हें खुली चुनौती देता हूं कि यदि उनमें से कोई भी वापस पार्टी में लौट आए तो मैं एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन मुझे पता है कि उनमें से कोई वापस नहीं आएगा। सौदा साफ है। पार्टी छोड़ो, मुझे गालियां दो और बदले में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां तुम्हें हाथ नहीं लगाएंगी।"अभिषेक बनर्जी ने कहा, "पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने मेरी आलोचना की और हाल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया।
अगर इस बार हार का ठीकरा मेरे सिर फोड़ा जा रहा है, तो पिछले लगातार चुनावों में पार्टी की जीत का श्रेय भी मुझे ही मिलना चाहिए।"
