महाराष्ट्र: 200 तोले सोना दोगुना करने का झांसा, नासिक के पूर्व महापौर के परिवार से करोड़ों की ठगी
महाराष्ट्र में नासिक के पूर्व महापौर अशोक देवराम मुर्तडक के परिवार से करीब 200 तोले सोने की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप
महाराष्ट्र में नासिक के पूर्व महापौर अशोक देवराम मुर्तडक के परिवार से करीब 200 तोले सोने की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक सर्राफा व्यापारी ने घर में रखे सोने को दोगुना करके लौटाने का लालच दिया और परिवार की महिलाओं से करीब 200 तोले सोना अपने पास ले लिया। बाद में न तो दोगुना सोना लौटाया और न ही मूल आभूषण वापस किए। इस मामले में नासिक के पंचवटी पुलिस ने सर्राफा व्यापारी योगेश बालकृष्ण दाभाड़े के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ठगी गई संपत्ति की कीमत मौजूदा बाजार भाव के अनुसार सवा करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, पूर्व महापौर अशोक मुर्तडक ने शिकायत में बताया है कि करीब दो वर्ष पहले उनकी मुलाकात योगेश दाभाड़े से हुई थी। इसके बाद उसका उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। इस दौरान उसने परिवार की महिलाओं का विश्वास जीत लिया। मुर्तडक की मां और मौसी ने अपने जीवनकाल में परिवार की महिलाओं के बीच स्त्रीधन के रूप में सोने के आभूषण बांटे थे। इनमें मुर्तडक की पत्नी के पास करीब 100 तोला, बेटी के पास 50 तोला और बहू के पास 50 तोला सोना था।आरोप है कि दाभाड़े ने इन सभी आभूषणों को दोगुना करके लौटाने का भरोसा दिलाया और एक जनवरी 2025 से पहले परिवार की महिलाओं से पूरा सोना अपने कब्जे में ले लिया।
सोना लेने के बाद वह कई महीनों तक चुप रहा। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो दोगुना सोना मिला और न ही मूल आभूषण लौटाए गए, तब परिवार को शक हुआ और महिलाओं ने इसकी जानकारी अशोक मुर्तडक को दी।शिकायत के अनुसार, मुर्तडक ने दाभाड़े को घर बुलाकर साफ कहा कि उन्हें दोगुना सोना नहीं चाहिए, केवल उनका मूल सोना वापस कर दिया जाए। इसके बावजूद आरोपी लगातार बहाने बनाकर टालमटोल करता रहा। करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी सोना वापस नहीं मिलने पर परिवार ने पंचवटी पुलिस स्टेशन का रुख किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पूर्व महापौर के परिवार के साथ इतनी बड़ी ठगी सामने आने के बाद नाशिक के राजनीतिक और सर्राफा कारोबार से जुड़े हलकों में भी इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने परिवार से लिया गया सोना कहां और किस तरह इस्तेमाल किया। क्या उसने इसे कहीं निवेश कर दिया, क्योंकि दो साल पहले और इन दिनों सोने के रेट में काफी फर्क है।
