'खुद को दुनिया का ठेकेदार समझता है...' अमेरिका की 'सनक' को बेनकाब करने वाले मंडेला
मंडेला ने अपने जीवन के 27 साल जेल की कालकोठरी में सिर्फ इसलिए नहीं काटे थे कि वे बाहर आकर एक और दमनकारी वैश्विक व्यवस्था
मंडेला ने अपने जीवन के 27 साल जेल की कालकोठरी में सिर्फ इसलिए नहीं काटे थे कि वे बाहर आकर एक और दमनकारी वैश्विक व्यवस्था के सामने घुटने टेक दें. वह जानते थे कि अमेरिका की कूटनीति का मूल आधार क्या है. वह समझते थे कि अमेरिका के लिए लोकतंत्र, मानवाधिकार और वैश्विक शांति सिर्फ ऐसे मुखौटे हैं, जिनका इस्तेमाल वह दूसरे देशों के संसाधनों पर कब्जा करने और वहां अपनी पसंद की सरकारें बैठाने के लिए करता है.
