Lucknow, India

Jairam Ramesh: कांग्रेस ने सरकार की चीन नीति पर साधा निशाना; ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को बताया विनाशकारी

Published 20 May 2026 · politics

मोदी सरकार अब अपने इकोसिस्टम के जरिए एक प्रोपेगैंडा कैंपेन चला रही है, जिसमें ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट से होने वाली पर्यावरणीय तबाही को लेकर चिंता करने वालों को 'चीन के प्रति नरम' दिखाने की कोशिश की जा रही है। यह हिपोक्रेसी की हद है, क्योंकि यही सरकार चीन के

मोदी सरकार अब अपने इकोसिस्टम के जरिए एक प्रोपेगैंडा कैंपेन चला रही है, जिसमें ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट से होने वाली पर्यावरणीय तबाही को लेकर चिंता करने वालों को 'चीन के प्रति नरम' दिखाने की कोशिश की जा रही है। यह हिपोक्रेसी की हद है, क्योंकि यही सरकार चीन के प्रति 4C नीति…— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) May 20, 2026 जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार एक दुष्प्रचार अभियान चला रही है। जो लोग ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें चीन का समर्थक बताया जा रहा है।

रमेश ने इसे सरकार का पाखंड करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को चीन को क्लीन चिट दी थी। यह लद्दाख में शहीद हुए हमारे 20 जवानों का अपमान था।कांग्रेस नेता ने कहा कि चीन के साथ बातचीत में भारत ने लद्दाख के कई इलाकों में गश्त करने और पशु चराने के पारंपरिक अधिकार खो दिए हैं। प्रधानमंत्री की निगरानी में ही 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 115 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे भारतीय उद्योगों और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।रमेश ने आरोप लगाया कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान की कार्रवाई में चीन की मुख्य भूमिका थी।

सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस साजिश का खुलासा किया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि भारत को चीन से मिलने वाली आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना ही होगा।ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर रमेश ने कहा कि यह मुख्य रूप से एक व्यापारिक उद्यम है। इसमें बनने वाले बंदरगाह का सैन्य ढांचे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस प्रोजेक्ट को जबरदस्ती थोप रहे हैं। यह संभवतः 'मोदानी' व्यापारिक साम्राज्य का हिस्सा बनेगा। पूर्व पर्यावरण मंत्री ने चेतावनी दी कि इससे पर्यावरण और मानवता पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेंगे।उन्होंने कहा कि आईएनएस बाज और अंडमान-निकोबार कमांड के विस्तार के सुझावों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि यह प्रोजेक्ट प्रकृति के लिए खतरनाक है। दूसरी तरफ, सरकार इसे देश की रणनीतिक क्षमता के लिए आवश्यक बता रही है।

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