जब हिटलर की 'मीन कैम्फ' प्रकाशित हुई, दो पार्ट में आई थी किताब
18 जुलाई, 1925 को एडॉल्फ हिटलर की दार्शनिक आत्मकथा, 'मीन कम्फ' का पहला खंड प्रकाशित हुआ. यह उनके तीसरे रैह के एजेंडे की रूपरेखा और
18 जुलाई, 1925 को एडॉल्फ हिटलर की दार्शनिक आत्मकथा, 'मीन कम्फ' का पहला खंड प्रकाशित हुआ. यह उनके तीसरे रैह के एजेंडे की रूपरेखा और 1939 से 1945 तक यूरोप को घेरने वाले भयावह परिदृश्य का स्पष्ट वर्णन था.
पुस्तक की पहले वर्ष में कुल 9,473 प्रतियां बिकीं. हिटलर ने लैंड्सबर्ग जेल में रहते हुए अपनी इस आत्मकक्षा की रचना शुरू की थी. एक
तख्तापलट की साजिश रचने के लिए हिटलर को जेल भेज दिया गया था.
