पंजाब BJP को PM मोदी ने 8 चुनावी मुद्दे थमाए:हरी पगड़ी का किसान कनेक्शन, संतों के आशीर्वाद से दलित कैसे रिझाए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर में रैली कर पंजाब BJP को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 8 मुद्दे थमा गए हैं। पीएम ने मंच से कर्ज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर में रैली कर पंजाब BJP को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 8 मुद्दे थमा गए हैं। पीएम ने मंच से कर्ज, ड्रग्स, कमजोर लॉ एंड आर्डर, कर्मचारियों के डीए, महिलाओं को सोशल स्कीम, रोजगार, भ्रष्टाचार और कारोबार के मुद्दे उठाए। मोदी ने भाजपा की पंजाब लीडरशिप को साफ संकेत दिया कि आने वाले दिनों में किसी मंच से इन मुद्दों को छोड़ना नहीं है। पीएम के उठाए मुद्दों का तुरंत असर भी देखने को मिला। रैली खत्म होने के बाद भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों, हरभजन सिंह, मनप्रीत बादल सहित तमाम नेताओं ने इन्हीं मुद्दों पर बात की। इसके साथ ही हरी पगड़ी पहनकर पीएम ने साफ किया कि उनको किसानों की चिंता है। प्रधानमंत्री ने 4 बार संत रविदास के नाम को दोहराया। सामूहिक सेवा के लिए, ट्रेन का नाम रखने के लिए, आदमपुर एयरपोर्ट के निर्माण और डेरा सचखंड बल्लां आने के लिए। पॉलिटिक्ल एक्सपर्ट डॉ केके रत्तू ने कहा कि संत रविदास जी का बार-बार नाम लेने से साफ है कि पीएम का निशाना सीधा दलित वोट पर रहा। 6 महीने में दो बार संत निरंजन दास से मिलना, उनके पैर छूने-हाथ पकड़ने का फायदा आने वाले चुनाव में पंजाब भाजपा को मिल सकता है।
इसके साथ उन्होंने AAP और कांग्रेस पर भी निशान साधा। जिसके बाद दोनों पार्टियों के नेताओं ने काउंटर किया है। अब विस्तार से इन 8 मुद्दों के बारे में पढ़िए… दलित वोट बैंक को साधने में जुटे पंजाब में दलित वोट बैंक करीब 31 प्रतिशत है। मोदी डेरा सचखंड बल्लां में पहले आ चुके हैं और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम सतगुरु रविदास के नाम पर रख चुके हैं। अब पंजाब से सीधे बनारस के लिए शुरू की गई ट्रेन का नाम संत रविदास एक्सप्रेस रखा है। फरवरी 2027 में संत रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व है। उसी दौर में पंजाब में विधानसभा चुनाव भी होना है। ऐसे में पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बनारस जाएंगे। पंजाब की राजनीति में डेरों का बेहद गहरा प्रभाव है, प्रधानमंत्री इस बात को भली-भांति जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास के साथ मुलाकात की। नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात से एक बार फिर से पंजाब के दलित वर्ग को साधने की कोशिश की। डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख से मोदी की पांच महीने में यह दूसरी मुलाकात है।
इससे पहले नरेंद्र मोदी राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोआबा के साथ-साथ इन दोनों डेरों का प्रभाव पंजाब के अन्य सभी जिलों और मालवा-माझा क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से फैला हुआ है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन विभिन्न डेरों और आध्यात्मिक शक्तियों के माध्यम से ग्रामीण व जमीनी स्तर पर पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने की पुरज़ोर कोशिश में है। मोदी ने इसके जरिए पंजाब के 31 प्रतिशत दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की, जिसका सीधा असर दोआबा की 23 में से 14-15 सीटों पर दिखेगा। हरी पगड़ी पहनकर किसान हितैषी का दिया संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के दौरान विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी धारण की। मंच से इस पारंपरिक रंग की दस्तार में नजर आकर उन्होंने सीधे तौर पर खुद को बड़ा किसान हितैषी दिखाने का मजबूत संदेश दिया। चूंकि हरा रंग पंजाब की खेती, फसलों और देश के अन्नदाता (किसानों) की पहचान का प्रतीक माना जाता है, इसलिए पीएम मोदी का यह रूप पिछले कुछ वर्षों की राजनीतिक तल्खी और कृषि आंदोलनों के गतिरोध को भुलाकर ग्रामीण मतदाताओं से सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाने की एक बड़ी और गंभीर कोशिश है।