Published 5/21/2026, 12:28:34 AM · Updated 5/21/2026, 2:02:03 PMBy TheBriefWire Editorial Team
Key points
बीसीआई ने शीर्ष अदालत के सामने प्रस्ताव रखा है कि 10 फीसदी को-ऑप्शन को किसी भी तरह की व्यक्तिगत या व्यक्तिपरक नियुक्तियों के जरिए नहीं भरा जाएगा।
इसके बजाय, चुनाव लड़ चुकीं उन महिला उम्मीदवारों को चुना जाएगा जिन्होंने चुनाव नहीं जीतने वाली महिलाओं में सबसे अधिक वोट हासिल किए हैं।
यह फॉर्मूला प्रत्यक्ष चुनाव के जरिए महिलाओं के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत सीटों के पूरक के रूप में काम करेगा।
दोनों को मिलाकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय किए गए कुल 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व के आंकड़े को पूरा किया जा सकेगा।बीसीआई के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि बार काउंसिल ने शीर्ष अदालत की ओर से गठित हाई पावर्ड इलेक्शन सुपरवाइजरी कमेटी के सामने हितधारकों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया है।
बीसीआई ने अपने आवेदन में जोर देकर कहा कि चुनाव में मामूली अंतर से चूकने वाली 'रनर्स-अप' महिला वकीलों को शामिल...