चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हर मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक पूरी सेक्शन तैनात होगी। इसमें आठ जवान होंगे। पिछले महीने हुए मतदान में हर बूथ पर सिर्फ चार जवान तैनात थे। फलता विधानसभा में 285 मतदान केंद्र हैं। इनकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की 35 कंपनियां तैनाती होंगी। 30 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) भी तैनात रहेंगी।दक्षिण 24 परगना जिले की सीट फलता से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है। जहांगीर खान के इस कदम को टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान जहांगीर खान ने एक फिल्म का डायलॉग बोलते हुए कहा था कि पुष्पा झुकेगा नहीं।वहीं, जहांगीर खान ने अपने फैसले पर कहा था कि उनका मुख्य उद्देश्य फलता में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा था कि उनका सपना क्षेत्र को "सोनार फलता" के रूप में विकसित देखना था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा फलता के लिए विशेष विकास पैकेज दिया जा रहा है, जो क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी वजह से उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ 207 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, टीएमसी महज 80 सीटों के आंकड़े पर आ गई थी। कांग्रेस ने इस बार अपने खाते में दो सीटें जोड़ीं। टीएमसी के बागी हुमायूं कबीर की पार्टी ने भी दो सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, सीपीआईएम ने एक और एआईएसएफ ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी।