सुप्रीम कोर्ट में बड़ी याचिका: सिर्फ पहचान का जरिया बने आधार, नागरिकता या पते का सबूत नहीं | The BriefWire
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सुप्रीम कोर्ट में बड़ी याचिका: सिर्फ पहचान का जरिया बने आधार, नागरिकता या पते का सबूत नहीं
Published on 5/20/2026, 12:53:06 AM
Key points
यह याचिका अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गई है।
इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और भारत निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि आधार का उपयोग केवल पहचान साबित करने के लिए हो, न कि नागरिकता, अधिवास, पता या जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए।अधिवक्ता अश्वनी दुबे के माध्यम से दायर इस याचिका में नए मतदाता पंजीकरण फॉर्म -6 में आधार के उपयोग पर गंभीर कानूनी सवाल उठाए गए हैं।
याचिका के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आधार को जन्मतिथि और निवास के प्रमाण के रूप में स्वीकार करना आधार अधिनियम, 2016 की धारा 9, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4) और संविधान के अनुच्छेद 14 के प्रावधानों के पूरी तरह खिलाफ है।याचिका में कहा गया है कि आधार अधिनियम की धारा नौ साफ तौर पर यह बताती है कि आधार नागरिकता या डोमिसाइल का...
Quick context: यह याचिका अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गई है।