अतिक्रमण विरोधी अभियान के दूसरे दिन स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। भारी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ उपद्रवियों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और उसने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और रेलवे अधिकारियों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।हालात को बेकाबू होता देख और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मुंबई पुलिस को कड़ा रुख अपनाना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस के इस सख्त एक्शन के बाद उपद्रवी पीछे हटने पर मजबूर हुए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे गरीब नगर इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और स्टेशन के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासनिक अमला मुस्तैद है।पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय के विशिष्ट और विस्तृत आदेश के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे सिर्फ न्यायिक निर्देशों का पालन कर रहा है। सीपीआरओ ने यह भी साफ किया कि इस अभियान में उन्हें मुंबई की जनता, सभी नागरिक निकायों, राज्य सरकार के अधिकारियों और मुंबई पुलिस का पूरा सहयोग मिल रहा है।