Published 5/22/2026, 1:24:55 AM · Updated 5/22/2026, 2:44:03 AMBy TheBriefWire Editorial Team
Key points
फार्मेक्सिल (भारतीय औषधि निर्यात संवर्धन परिषद) और अन्य उद्योग संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव इसी तरह लंबे समय तक बना रहा, तो इसका बहुत भयंकर असर होगा।
भारत लगभग 200 देशों को जेनेरिक दवाएं बेचता है।
इस संकट का असर न केवल भारत पर पड़ेगा, बल्कि अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के उन तमाम गरीब देशों पर भी पड़ेगा, जो सस्ती दवाओं के लिए पूरी तरह से भारत पर निर्भर हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारतीय दवा उद्योग का आकार लगभग 50 अरब डॉलर का है।
दुनिया की कुल जेनेरिक दवा आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है।