Published 5/21/2026, 8:50:33 PM · Updated 5/22/2026, 9:06:04 AMBy TheBriefWire Editorial Team
Key points
कोर्ट ने पूछे सख्त सवाल याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
ईडब्ल्यूएस को लेकर क्या की गई टिप्पणी?
कोर्ट ने कहा- संतुलन बनाए रखना जरूरी न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर दोनों माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं तो फिर उनके बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए?याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता शशांक रतनू ने कहा कि लोगों को उनकी सैलरी की वजह से नहीं, बल्कि उनके सामाजिक दर्जे के आधार पर बाहर किया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रुप-ए कर्मचारियों को बाहर किया गया है और ग्रुप-बी कर्मचारियों को भी बाहर किया जाता है।इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ सामाजिक गतिशीलता आती है।