देशभर में 15 लाख दवा दुकानें बंद:ऑनलाइन बिक्री का विरोध कर रहे; एमपी, चंडीगढ़, बिहार में लोग परेशान दिखे
देशभर में 15 लाख दवा दुकानें बंद: ऑनलाइन बिक्री का विरोध कर रहे; एमपी, चंडीगढ़, बिहार में लोग परेशान दिखे 11 मिनट पहले आज पंजाब में 25 हजार, MP में 41 हजार और बिहार में 40 हजार दवा दुकानें बंद हैं। दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और बड़ी कंपनियों के कॉम्पिटीशन
देशभर में 15 लाख दवा दुकानें बंद: ऑनलाइन बिक्री का विरोध कर रहे; एमपी, चंडीगढ़, बिहार में लोग परेशान दिखे 11 मिनट पहले आज पंजाब में 25 हजार, MP में 41 हजार और बिहार में 40 हजार दवा दुकानें बंद हैं। दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और बड़ी कंपनियों के कॉम्पिटीशन के विरोध में बुधवार को देशभर के 15 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद हैं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। बंद का मामूली असर दिख रहा है। पटना के IGIMS के बाहर मरीज और उनके परिवार वाले दवाओं के लिए परेशान दिखे। वहीं, चंडीगढ़ के PGI में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी दवाई नहीं मिल सकी। उसने कहा, 'दवाएं नहीं मिल रही हैं।' हालांकि, AIOCD ने कहा था कि बंद के दौरान भी अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। इमरजेंसी दवाओं की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। देशभर में बंद से जुड़ी तस्वीरें… चंडीगढ़ में दवा दुकानों के बाहर परेशान लोगों की भीड़ दिखी। पटना के IGIMS के बाहर दवा दुकानें बंद हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दवा दुकानें बंद हैं।
लुधियाना में आज मेडिकल मार्केट में सन्नाटा। कुछ लोग दवाओं के लिए परेशान होते दिखे। दिल्ली में मेडिकल की 15 से 20 हजार दवा दुकानें रजिस्टर हैं। सभी बंद हैं। दवा दुकानदारों की 4 मांगें बिना नियमों के चल रही ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से मोहल्ले की छोटी दुकानों को नुकसान हो रहा है और लोगों की सेहत के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इसे रोका जाए। इस पूरे विवाद से जुड़े सरकार के दो नियम GSR 220(E) और GSR 817(E) हैं। संगठन के मुताबिक इन नियमों की कमियों का फायदा उठाकर ही ऑनलाइन दवा कंपनियां ऐसा कर रही हैं। इसे वापस लिया जाए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 'गलत या नकली पर्चियों' का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए ई-फार्मेसी के लिए नए सख्त नियम बनाए जाएं। लोकल दुकानदार ऑनलाइन कंपनियों के 20% से 50% तक के डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर सकते। कोविड-19 के दौरान सरकार ने ई-फार्मा को छूट दी कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा स्टोर्स (ऑनलाइन मेडिकल स्टोर्स) को कई बड़ी रियायतें दी थीं। सरकार ने ई-फार्मा को आवश्यक सेवा का दर्जा दिया, जिससे लॉकडाउन में भी उनकी डिलीवरी बिना रोक-टोक जारी रही।
इसके अलावा, नियमों में ढील देते हुए डॉक्टरों के डिजिटल प्रिसक्रिप्शन (व्हाट्सएप या ईमेल पर भेजी गई पर्ची) के आधार पर दवाइयां बेचने की मंजूरी दी गई। घर-घर जाकर दवाइयां पहुंचाने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया ताकि लोग अस्पतालों या मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर बैठे ही अपनी रेगुलर और जरूरी दवाइयां मंगा सकें। देश के 4 राज्यों में हड़ताल का असर 1. बिहार: अस्पतालों में मरीज के अटेंडेंट परेशान पटना के राजा बाजार में सारे केमिस्ट की दुकानें बंद हैं। बिहार में 40 हजार से ज्यादा दवा दुकानें हड़ताल में शामिल हैं। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से इस आंदोलन का समर्थन किया है। संगठनों ने सभी दवा विक्रेताओं, फार्मासिस्टों और थोक व्यापारियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। 2. मध्यप्रदेश: भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद भोपाल में बंद मेडिकल स्टोर्स। मध्य प्रदेश में बुधवार को दवा दुकानें बंद रहेंगी। अकेले भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स इस बंद में शामिल हैं। सिर्फ अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को ही खुला रखा गया है।
छत्तीसगढ़: 18 हजार मेडिकल स्टोर्स खुले नहीं बिलासपुर में बंद का असर है। सुबह से दुकानें बंद हैं। छत्तीसगढ़ में करीब 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे, जिनमें थोक और रिटेल दोनों दुकानें शामिल हैं। रायपुर में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। बस्तर जिले में 300 और जगदलपुर शहर में करीब 120 मेडिकल दुकानें बंद हैं, हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए संचालकों ने ऑनलाइन नंबर जारी किए हैं और महारानी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरी खबर पढे़ं… 4. पंजाब: चंडीगढ़ में 25 हजार मेडिकल स्टोर बंद बिलासपुर में बंद का असर है। सुबह से दुकानें बंद हैं। पंजाब और चंडीगढ़ में आज मेडिकल स्टोर संचालकों की 24 घंटे की हड़ताल चल रही है। जिससे लोगों को दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ के PGI में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी दवाई नहीं मिल सकी और वह मेडिकल स्टोर के बाहर इंतजार करता रहा। पूरी खबर पढ़ें….